सहरसा हवाई अड्डा अपग्रेडेशन के लिए निविदा प्रक्रिया हुई पूरी
सहरसा हवाई अड्डा अपग्रेडेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सबसे कम बोली लगाने वाली आद्याराज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड है। हवाई अड्डा अपग्रेडेशन के लिए निविदा में चार कंपनियों ने भाग लिया था। हवाई सेवा 2027 के अंत तक या 2028 के शुरुआत में शुरू होने की संभावना है।

सहरसा, नगर संवाददाता। सहरसा हवाई अड्डा अपग्रेडेशन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सबसे कम बोली लगाने वाली कार्य एजेंसी का नाम फाइनल किया जाएगा। सबसे कम बोली लगाने वाली एजेंसी आद्याराज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड है। सहरसा हवाई अड्डा अपग्रेडेशन को लेकर निविदा प्रक्रिया में चार कंपनी शामिल हुई है । जिसमें आद्याराज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (24. 95 करोड़) , आनंद बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड(28 करोड़) , एमएचपीएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (29.7 करोड़) और एससीसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी(30 करोड़) शामिल है। सबसे कम बोली लगाने वाली और मानकों पर खड़ा उतरने वाली कपंनी को कार्य मिलेगा। तकनीकी मूल्यांकन समिति के सदस्यों में ओपी चुघ, ईडी (इंजीनियरिंग), ईआर, साजिद हकीम, जेजीएम (ई-सी) ईआर-सीएचक्यू अरविंद यादव, एसएम (ई-सी) बोली प्रबंधक और शुभम गुप्ता, प्रबंधक (ई-सी) ईआर-सीएचक्यू शामिल रहे। सहरसा हवाई अड्डा से हवाई सफर 2027 के अंत तक या 2028 के शुरुआत में होने की संभावना है。
निविदा जारी होने की जानकारी
22 अप्रैल को जारी हुई थी निविदा: इसी महीने 22 अप्रैल को भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने सहरसा हवाई अड्डे के विकास एवं उन्नयन के लिए ईपीसी मोड पर ई-निविदा जारी किया गया था। यह निविदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने के लिए जारी किया गया था ।परियोजना के तहत सहरसा हवाई अड्डा को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। अपग्रेडेशन के बाद यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी । सहरसा को बिहार व देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
आपत्ति और लागत
35.14 करोड़ रूपये स्वीकृत : हवाई अड्डा अपग्रेडेशन परियोजना की अनुमानित लागत 35.14 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य की अवधि 15 महीने तय की गई है। परियोजना के तहत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। निविदा अनुसार निर्माण कार्य को 450 दिन (15 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे हवाई सेवा संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। 1580 स्क्वायर मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन बनेगा। 165 स्क्वायर मीटर में एटीसी टावर और 451 स्क्वायर मीटर में फायर स्टेशन बनेगा। 1000 मीटर ×30 मीटर का रनवे होगा । प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।


