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5 मार्च, 2021|10:52|IST

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जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटा तो 'टेररिस्ट टैक्स' से आजाद हुई केसर, पहली बार कानपुर-दिल्ली के कारोबारियों ने किए सौदे

saffron freed from terrorist tax after removal of section-370 from jammu and kashmir for the first t

कश्मीर के आतंकवाद ने खुशबू को भी कैद कर रखा था। धारा 370 हटने के सवा साल बाद अब खुशबू आजाद होने लगी है। पिछले 30 साल में पहली बार कानपुर-दिल्ली के केसर कारोबारी घाटी तक जाकर केसर के सौदे कर पा रहे हैं। 'टेररिस्ट टैक्स' तकरीबन खत्म होने से केसर की कीमतें ऐतिहासिक रूप से घटी हैं। ढाई लाख रुपये किलो बिकने वाली केसर 90 हजार के दाम तक आ गई है।

देश में केसर का उत्पादन केवल कश्मीर में होता है। दुनिया में कश्मीरी केसर सर्वोत्तम मानी जाती है। इसके रंग और खुशबू का जलवा भारत के अलावा, यूरोप, अमेरिका, अरब मुल्क हर कहीं है। अस्सी के दशक से घाटी में आतंकी लगातार खून बहा रहे थे, लिहाजा केसर वहीं कैद थी। आतंकियों को भारी चौथ दिए बगैर केसर कारोबार होता ही नहीं था। किसी बाहरी कारोबारी के लिए यह संभव नहीं था। केवल कश्मीरी कारोबारी के माध्यम से ही केसर घाटी से बाहर निकलती थी।

आतंकवादी संगठनों का था पहरा
केसर की हैसियत आतंकी संगठन बेहतर जानते हैं। केसर की खेती जम्मू-कश्मीर के बडगाम, पुलवामा, श्रीनगर और किश्तवाड़ में होती है। करीब 35 हजार कश्मीरी इसकी खेती से जुड़े हैं। ये चारों ही जिले आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित रहे हैं। यहां पैदा होने वाली केसर पर आतंकी अपना टैक्स वसूलते थे और रेट तय करते थे। किसी दूसरे राज्य के व्यापारी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वहां जाकर सीधे किसानों से सौदा कर सके, इसलिए केसर के भाव आसमान पर थे।

370 खत्म होने से खास केसर हुई आम
आतंकियों के पहरे और 'टेररिस्ट टैक्स' की वजह से केसर का भाव 2.25 लाख से 2.50 लाख रुपये किलो सामान्य तौर पर रहता था। लॉकडाउन के दौरान केसर इस भाव में बिक रही थी। बीते नवरात्र में केसर 1.75 लाख रुपये में आ गिरी। दिसंबर के तीसरे हफ्ते से पहली बार केसर 90 हजार रुपये प्रति किलो आ गिरी है। तीस साल बाद पहली बार कानपुर और दिल्ली के व्यापारी सीधे कश्मीर जाकर केसर का सौदा कर रहे हैं।

द किराना मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश बाजपेयी ने कहा, "आतंकी फंड के कारण केसर के रेट अनाप-शनाप थे। मोलभाव करना गुनाह था। अब हालात बदले तो केसर का वास्तविक व्यापार शुरू हुआ है, जिसका सीधा असर भाव पर पड़ा है।"

केसर कारोबारी शारिक अहमद ने कहा, "पहले केसर कई चैनल को पार करते हुए हमारे पास पहुंचती थी। इस साल माल का सौदा सीधे किसानों से किया है। फसल भी अच्छी है और घाटी में दर्जनों कारोबारी माल खरीद रहे हैं।"

ईरान की नागिन केसर ने भी दी बाजार में दस्तक
इस बीच ईरान की नागिन केसर ने भी बाजार में कदम रख दिए हैं। नयागंज के केसर कारोबारी ब्रजेश पोरवाल ने बताया कि स्वाद और रंग में कश्मीरी केसर को चुनौती दे रही नागिन केसर महज 80 हजार रुपये किलो है। स्पेनिशन केसर भी नया विकल्प बनकर तैयार है। ये 1.35 लाख रुपये की एक किलो है।

केसर के दाम
स्पेनिश केसर: 135 रुपए/ग्राम
भारतीय केसर: 90 रुपए/ग्राम
ईरानी केसर: 80 रुपए/ग्राम

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  • Web Title:Saffron freed from Terrorist Tax after removal of Section-370 from Jammu and Kashmir for the first time traders of Kanpur-Delhi made deals