नौ दिन में सात मौतें... फिर भी नहीं जागा सिस्टम
हल्द्वानी। रुद्रपुर-काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे जानलेवा हादसों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में तीनपानी फ्लाईओवर पर चार दोस्तों की मौत के बाद, प्रशासन की कार्यप्रणाली केवल निरीक्षण और प्रस्तावों तक सीमित रह गई है। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

हल्द्वानी। रुद्रपुर-काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109 : कुल 50 किमी) पर सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर बड़े सवालों के घेरे में है। नौ दिनों में सात लोगों की मौत के बावजूद सरकारी सिस्टम अब तक केवल निरीक्षण, बैठकों और प्रस्तावों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। शनिवार रात तीनपानी फ्लाईओवर पर चार दोस्तों की दर्दनाक मौत ने साबित कर दिया कि हाईवे पर खतरे के जिन कारणों की पहचान पहले ही हो चुकी थी, उन्हें समय रहते दूर नहीं किया गया।
जानलेवा हादसों का सिलसिला
रुद्रपुर-काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर लगातार हो रहे जानलेवा हादसों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। शनिवार देर रात तीनपानी फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की चपेट में आकर चार दोस्तों की मौत के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में है। गौला पुल से गोरापड़ाव के बीच महज नौ दिनों में सात लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों की सक्रियता अब भी हादसों के बाद निरीक्षण और बैठकों तक सिमटी नजर आ रही है।
खामियां और समाधान
'हिन्दुस्तान' की पड़ताल में रविवार को गौला पुल से गोरापड़ाव तक कई गंभीर खामियां सामने आईं। कई स्थानों पर गलत दिशा बताने वाले संकेतक अब भी लगे मिले, जबकि रांग साइड से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रुकी है। तीनपानी चौराहे पर कुछ दिनों तक चले अभियान और पुलिस तैनाती के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
बता दें कि बीती दो जुलाई की रात गोरापड़ाव में रांग साइड से आए ट्रक की टक्कर में बाइक सवार सिद्धार्थ सिंह और अयान खान की मौत हुई थी। पांच जुलाई को गौला पुल से छलांग लगाने से छात्र प्रियांशु की जान चली गई। इसके बाद 11 जुलाई की रात तीनपानी फ्लाईओवर पर स्कॉर्पियो ने फुटपाथ पर बैठे चार युवकों को कुचल दिया।
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सरकारी कार्रवाई का अभाव
हादसों के बाद सिर्फ निरीक्षण, प्रस्ताव, दावे
हर हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस, आरटीओ और एनएचएआई की संयुक्त टीमों ने निरीक्षण किए। दो अंडरपास, एएनपीआर कैमरे, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की घोषणाएं भी हुईं, लेकिन अधिकांश योजनाएं अब भी कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी हैं। हादसे के बाद आरटीओ की तकनीकी टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि एनएचएआई सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हर बड़ी दुर्घटना के बाद केवल समीक्षा बैठकें और नई घोषणाएं होंगी, या फिर हाईवे पर दिखाई देने वाली खामियों को समयबद्ध तरीके से दूर कर लोगों की जान बचाने के ठोस इंतजाम भी किए जाएंगे।
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धार्मिक कार्रवाई और भविष्य की योजना
डीएम बोले : रोड सेफ्टी पर बनेगी ठोस कार्ययोजना
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि एनएच-109 पर लगातार हो रहे हादसों को जिला प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। एक सप्ताह के भीतर रोड सेफ्टी की विशेष बैठक बुलाकर हाईवे की सभी कमियों की समीक्षा की जाएगी और दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार होगी। गौला के दोनों पुलों पर सुरक्षा जाल लगाने के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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एनएचएआई का बयान
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अचल जिंदल ने बताया कि बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जा चुका है। तीनपानी और चंद्रावती इंटर कॉलेज के पास दो अंडरपास का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। शनिवार रात हुए हादसे के बाद हाईवे एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना के कारणों की पुष्टि के लिए फ्लाईओवर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है。


