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दुख है कि कांग्रेस हार गई लेकिन यह 2024 के लिए शुभ संकेत, चुनाव के नतीजों पर बोले उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत के लिए भाजपा का उल्लेख किए बिना अपने सभी उम्मीदवारों को बधाई दी है। उन्होंने कांग्रेस की हार को 2024 लोकसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत बताया।

दुख है कि कांग्रेस हार गई लेकिन यह 2024 के लिए शुभ संकेत, चुनाव के नतीजों पर बोले उद्धव ठाकरे
Himanshu Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईSun, 03 Dec 2023 11:54 PM
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तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सफलता हासिल की है। वहीं कांग्रेस सिर्फ तेलंगाना में जीत दर्ज कर पाई है। बीजेपी की जीत पर उद्धव ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कांग्रेस हार गई तो दुख हुआ लेकिन यह 2024 के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनाता उन्हें सत्ता सौंपेगी। एक कार्यक्रम में बोलते हुए, उद्धव ठाकरे ने चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत के लिए भाजपा का उल्लेख किए बिना अपने सभी उम्मीदवारों को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को तेलंगाना में जीत की बधाई भी दी। राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार पर उद्धव ठाकरे ने कहा, "हम लड़ेंगे और देश को बचाएंगे। कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में जीता लेकिन लोकसभा चुनाव हार गई। तो ये हमारे लिए 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए एक शुभ संकेत है।"

वहीं शिव सेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि अगर कांग्रेस ने 'इंडिया' गठबंधन के तहत इसके घटक दलों के साथ कुछ सीटें साझा की होतीं तो मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे अलग होते। राउत ने यह भी कहा कि कांग्रेस को सहयोगियों के प्रति अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करना चाहिए और याद दिलाया कि कमलनाथ ने चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के साथ सीटें साझा करने का विरोध किया था। हालांकि, राउत ने कहा कि चुनाव नतीजों से 'इंडिया' गठबंधन के सदस्यों में कोई मतभेद नहीं होगा। संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, “मेरी स्पष्ट राय है कि मध्यप्रदेश का चुनाव 'इंडिया' गठबंधन तहत लड़ा जाना चाहिए था। अगर कुछ सीटें गठबंधन दलों, जैसे कि अखिलेश की पार्टी (समाजवादी पार्टी) के साथ साझा की जातीं, तो कांग्रेस का प्रदर्शन कहीं बेहतर होता। उनकी (अखिलेश की) पार्टी को कुछ क्षेत्रों में अच्छा समर्थन प्राप्त है, जिनमें पार्टी का गढ़ कही जाने वाली 10-12 सीटें भी शामिल हैं।” 

राउत ने कहा कि चुनाव परिणाम से सबक मिलता है कि भविष्य के चुनावों को 'इंडिया' गठबंधन के तहत मिलकर लड़ना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) के नेता के प्रवक्ता ने कहा, “'टीम वर्क' की जरूरत थी। राज्य के दलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय दलों को नजरअंदाज कर कोई राजनीति नहीं कर सकता है।” राउत ने कहा, "इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक छह दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। इसमें उद्धव ठाकरे शामिल होंगे।" 

राज्यसभा सदस्य ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी बधाई देना चाहते हैं जिन्होंने उन राज्यों में विपक्षी दलों पर छापे मारे जहां चुनाव हुए थे। उन्होंने कहा, "संसाधन फंस गए या जब्त कर लिए गए जिन्हें चुनाव प्रबंधन का हिस्सा कहा जा सकता है। भाजपा हमेशा ऐसे चुनाव लड़ती है जैसे वह विपक्ष के साथ युद्ध कर रही हो।" राउत ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की "पनौती" टिप्पणी से मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनावों के नतीजों पर असर पड़ा होगा। उन्होंने कहा, “ यदि ऐसा था, तो इस टिप्पणी का तेलंगाना में उलटा असर क्यों नहीं हुआ। गुजरात के बाद मध्यप्रदेश में लंबे समय से प्रखर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता मौजूद हैं। इसका नागपुर से अच्छा संबंध है।” राउत ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की लोगों के बीच छवि ने भी चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

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