घर के अधूरे सपने पूरे होने की आस जगी, आम्रपाली और जेपी के खरीदारों को फायदा नहीं - Sabko Ghar Dene Ka Lakshya 2022 tak pura Hoga DA Image

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घर के अधूरे सपने पूरे होने की आस जगी, आम्रपाली और जेपी के खरीदारों को फायदा नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए शनिवार को कई ऐलान की घोषणा की। इसमें रियल एस्टेट तथा निर्यात क्षेत्रों को कुल मिला कर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय मदद देने की घोषणा की गई। इस फैसले से एक ओर लाखों घर खरीदारों को घर मिलने की आस फिर से जगी है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोत्साहन पैकेज जरूरत से कम है।

एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में करीब 5.6 लाख आवासीय इकाइयां पांच साल से देरी से चल रही हैं। इनकी कुल कीमत करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये है। इनमें 38% रुकी इकाइयां सिर्फ एनसीआर में हैं, जिनकी कीमत करीब 1.31 लाख करोड़ है। 

डेवलपरों और संपत्ति सलाहकारों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया, लेकिन मांग बढ़ाने में इसे नाकाफी बताया। क्रेडाई के चेयरमैन जक्षय शाह ने कहा, ताजा घोषणाओं से सरकार ने बस जमी धूल को हटाया है। वह हालात की गंभीरता को नहीं समझ रही है। रियल एस्टेट जीडीपी में योगदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। हमें और समर्थन की उम्मीद है।

सिंगल विंडो से घर की बिक्री तेजी से बढ़ेगी
घर खरीदारों के लिए होम लोन की आसान उपलब्धता के लिए वित्त मंत्री ने सिंगल विंडो बनाने की घोषणा की है। अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि इस फैसले से आने वाले दिनों में घरों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेेगी। इसके जरिए घर खरीदारों को आसानी से लोन दिया जाएगा। हाल ही में रिजर्व बैंक ने भी बैंकों को होम लोन 59 मिनट पोर्टल के माध्यम देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों से एक अक्तूबर से होम लोन को रेपो रेट से जोड़ने का निर्देश दिया है। 

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी
वित्त मंत्री ने हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर घटाने का ऐलान किया। इसके साथ ही 10 साल के गवर्नमेंट सिक्योरिटी बॉन्ड को भी इससे लिंक करने की बात कही। इस ऐलान के उन सरकारी कर्मचारियों को सीधे फायदा मिल सकेगा जो अपना घर बना रहे हैं। सरकार का मानना है कि घरों की मांग बढ़ाने में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है।

आम्रपाली और जेपी के खरीदारों को फायदा नहीं
अटके प्रोजेक्ट में अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड का फायदा आम्रपाली, जेपी के खरीदारों को नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए कि इन कंपनियों के मामले एनसीएलटी के पास हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन कंपनियों के मामले एनसीएलटी या एनपीए में उन्हें अपनी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सरकारी फंड नहीं मिलेगा। 

फंड जुटाना आसान होगा
वित्त मंत्री ने आवास वित्त कंपनियों के लिए विदेश से वाणिज्यिक ऋण जुटाने के नियमों में ढील देने की भी घोषणा की। इस पहल से अटके प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय कंपनियों को फंड जुटाना आसान हो जाएगा।

इस कोष से सस्ते आवास और मध्यम आयवर्ग श्रेणी के आवास को तेजी मिलेगी। यह घर खरीदारों के लिए एक उत्कृष्ट त्यौहारी सौगात है।  
-अनुज पुरी, चेयरमैन, एनारॉक

वित्त मंत्री की घोषणा विस्तृत हैं तथा इससे निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था को आवश्यक सहारा मिलेगा। उन्होंने दिक्कतों से जूझ रहे दो क्षेत्रों को राहत देने की घोषणा की है। -चंद्रजीत बनर्जी, महानिदेशक, सीआईआई 

68  फीसदी हिस्सेदारी कुल बंद पड़ी आवीसीय इकाइयों में दिल्ली-एनसीआर की
1.31 लाख करोड़ रुपये है कीमत कुल अटके फ्लैट की एनसीआर क्षेत्र की

कहां कितने अधूरे फ्लैट
शहर                      बिना बिके फ्लैट
मुंबई और आसपास  2.24 लाख
दिल्ली-एनसीआर    1.82 लाख
पुणे                       92 हजार
बेंगलुरु                   64 हजार
कोलकाता               45 हजार
चेन्नई                    31 हजार
हैदराबाद                 25 हजार
(स्रोत: एनारॉक)

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