DA Image
26 अक्तूबर, 2020|10:55|IST

अगली स्टोरी

अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ बैठक में जयशंकर की दो टूक, किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है आतंकवाद

'टू प्लस टू' बैठक के पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में चीन के साथ तनाव, सीमापार आतंकवाद, अफगान वार्ता, समुद्री सुरक्षा व एशिया में शांति व स्थिरता के मुद्दे पर विस्तार से बातचीत हुई। बैठक में जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि सीमापार आतंकवाद किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पोम्पिओ ने भी आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं को स्वीकारा। संयुक्त राष्ट्र में भारत की सदस्यता के मद्देनजर आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों विदेश मंत्रियों ने विचार साझा किए।

सूत्रों ने कहा, पोम्पिओ और जयशंकर की बातचीत गर्मजोशी भरी और काफी उपयोगी रही। क्वाड के बाद के ब्लूप्रिंट पर भी दोनों देशों ने चर्चा की। सूत्रों ने कहा, समुद्री सुरक्षा से लेकर आतंकवाद तक और अंतरिक्ष सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग से चीन की चिंता बढ़ सकती है। पिछले दिनों हुई टोक्यो चर्चा के बाद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों नेताओं ने ध्यान केंद्रित किया। बैठक में पिछले चार वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और शिक्षा सहित लगभग हर क्षेत्र में संबंध विकसित होने को लेकर संतोष जताया गया। बहुपक्षीय मंचो पर सहयोग को लेकर भी दोनो देशो ने संतोष जाहिर किया है।

यह भी पढ़ें: भारत-US करने जा रहे BECA पर साइन, जानिए क्यों चीन-पाक की बढ़ेगी टेंशन

सूत्रों ने बताया कि विदेशमंत्री ने हमारी प्रौद्योगिकी की अद्वितीयता पर जोर दिया और रेखांकित किया कि अधिक से अधिक डेटा संवेदनशीलता के साथ परस्पर सहयोग की संभावना है।  दोनों नेताओं ने वर्तमान वैश्विक स्थिति और इसकी समकालीन चुनौतियों, एशिया में स्थिरता और सुरक्षा सहित हमारी साझा चिंताओं और हितों पर चर्चा की। मंगलवार को टू प्लस टू बैठक में विशिष्ट मुद्दे उठाए जाएंगे। इंडो-पैसिफिक मुद्दे पर सतत बातचीत और और क्वाड के विचार-विमर्श के फॉलो अप के अलावा समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, कनेक्टिविटी और लचीली आपूर्ति श्रृंखला के बारे में भी चर्चा हुई। 

कोविड के बाद सप्लाई चेन में चीन का वर्चस्व तोड़ने के लिए नए तंत्र पर दोनों देश लगातार बात कर रहे हैं।पोम्पिओ ने अफगानिस्तान पर अमेरिकी प्रशासन की सोच को साझा किया। विदेश मंत्री ने  भारत की चिंता पर प्रकाश डाला कि निर्णय अफगान के नेतृत्व में और बल के उपयोग के बिना किए जाने चाहिए। विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह से अस्वीकार्य है। दोनों मंत्रियों ने भारत की आगामी यूएनएससी सदस्यता के संदर्भ में बहुपक्षीय परामर्श और सहयोग पर भी चर्चा की।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:S Jaishankar says in meeting with US Secretary of State Mike Pompeo terrorism is not acceptable in anyway