ग्राम रोजगार सेवकों ने मांगा राज्य कर्मचारी का दर्जा
सहारनपुर में ग्राम रोजगार सेवकों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया और राज्य कर्मचारी का दर्जा मांगा। उन्होंने सरकार से वेतन की अदायगी और नियमितीकरण की मांग की। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 1 जुलाई को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी गई।
सहारनपुर। ग्राम रोजगार सेवकों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन कर राज्य कर्मचारी का दर्जा मांगा। अन्यथा की स्थिति में एक जुलाई को लखनऊ में विधानसभा का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया। कहा कि उनकी मांगे जायज हैं और वो अपना हक लेकर रहेंगे। साथ ही उन्होंने एकसुर में 12 से 14 माह का रुका वेतन तत्काल जारी करने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों ने दस सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें बताया गया कि साल 2006 से मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम रोजगार सेवक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पिछले 17 सालों से संविदा पर कार्यरत हैं।
जिन्हें मनरेगा योजना की धनराशि के प्रशासनिक मद से मानदेय भुगतान की व्यवस्था है। प्रदेश में लगभग 58194 ग्राम पंचायतें हैं और 15 हजार अधिकारी हैं। यदि सरकार द्वारा एक सहायक सचिव, ग्राम विकास सहायक का पद सृजित कर संविदा पर नियुक्त ग्राम रोजगार सेवकों को समायोजित कर दिया जा तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिव की उपलब्धता भी हो जाएगी और साथ ही ग्राम रोजगार सेवकों की लंबे समय से की जा रही नियमितीकरण की मांग भी पूरी हो जाएगी। इसके अतिरिक्त न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, मासिक मानदेय भुगतान के लिए पृथक बजट की व्यवस्था किए जाने, ग्राम रोजगार सेवकों के परिवार के मृतक आश्रितों को सेवा प्रदान किए जाने, ग्राम रोजगार सेवकों का न्याय पंचायत पर स्थानांतरण की व्यवस्था किए जाने सहित दस मांगे की गई। मांग नहीं माने जाने पर एक जुलाई को विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारियों में रविंद्र राणा, नीटू चौधरी, सतीश कुमार कश्यप, संजय कुमार, घनश्याम सिंह राणा, अमित, सुरेश, सौरभ, योगेश कुमार, संयोगिता चौहान, संगीता राणा, गौरव राणा, अरसद अली, मुबारिक अली, उमेश कुमार आदि रहे।
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