आरएसएस संपूर्ण समाज का संगठन है
फोटो आरएसएस - संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य ने

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ.मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ सम्पूर्ण समाज का संगठन है। पूरे समाज को एकात्म भाव से एकत्र करने की भावना से संघ कार्य कर रहा है। गुरुवार को आरएसएस काशी महानगर की ओर से सनबीम वरुणा के सभागार में आयोजित जनसंवाद में वह मुख्य वक्ता थे।
संघ का उद्देश्य
उन्होंने कहा कि संघ भारत का ‘स्व’ है। हमारी पहचान आध्यात्मिक है और इसी का नाम हिन्दुत्व है। संघ समाज जागरण, व्यवस्था परिवर्तन एवं व्यक्ति निर्माण करता है। इस कार्य में समाज के प्रत्येक जनमानस की सहभागिता जरूरी है। डॉ. वैद्य ने कहा कि भारत में धर्म रिलीजन शब्द का पर्याय नहीं है। समाज को देना चैरिटी है और समाज को वापस लौटाना धर्म है। धर्म बांटता नहीं है अपितु बांधता है।
महिलाओं की स्थिति
डॉ. वैद्य ने कहा कि भारत में महिलाओं की स्थिति आदिकाल से पुरुषों के समकक्ष रही है। स्वतंत्रता के बाद महिलाओं के मताधिकार पर बिना चर्चा अधिकार दे देना उनके सामाजिक महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सनबीम शिक्षण समूह के निदेशक दीपक मधोक ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र की प्रमुख रक्षक है। डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने शिक्षा को शेरनी का दूध कहा था। शिक्षा के माध्यम से भारत की सेवा ही व्यक्ति का एकमेव ध्येय होना चाहिए। इस दौरान विभाग संघचालक प्रो. जयप्रकाश लाल, डॉ. चारुचन्द्र राम त्रिपाठी, सह प्रान्त कार्यवाह प्रो. राकेश तिवारी, प्रान्त प्रचारक रमेश, विभाग प्रचारक नितिन डॉ. हरेन्द्र राय, रामानुज सिंह, डॉ. आनन्द प्रभा, डॉ. रमेश सिंह, डॉ. शान्तनु त्रिपाठी, डॉ. चन्द्रमणि सिंह आदि मौजूद रहे।


