युवा ही देश के भविष्य के निर्माता, राष्ट्रहित में आगे आएं : रमेश
गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक रमेश ने युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रभाव की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और अनुशासन के जरिये देशभक्त नागरिक तैयार करना है। ये विचार युवा सम्मेलन में व्यक्त किए गए।
गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रान्त के प्रान्त प्रचारक रमेश ने कहा कि जब व्यक्ति का देश के साथ गहरा संबंध होता है तो वह देश की पीड़ा और समस्याओं को अपना मानने लगता है। उसके भीतर देशभक्ति की भावना जागृत होती है। युवाओं में राष्ट्रभाव और देशभक्ति विकसितकरने में संघ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान युवा पीढ़ी पर ही देश का भविष्य निर्भर है, इसलिए युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित होकर आगे आना चाहिए।
युवा सम्मेलन में संबोधन
प्रांत प्रचारक रमेश, शनिवार को संघ के शताब्दी वर्ष महोत्सव के तहत सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुभाषचंद्र बोस नगर सूर्यकुंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महानगर उत्तरी की ओर से युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य बिखरे हिंदू समाज को संगठित करना, संगठित समाज को दोषमुक्त बनाना और उसे हिंदुत्व एवं राष्ट्रीयता से जोड़ना है। इस उद्देश्य की पूर्ति में शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका है। शाखा व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है, जहां अनुशासन, साथ चलने और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। नित्य शाखा व्यक्ति के भीतर राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि संगठित समाज के बल पर ही हिंदुत्व, भारतीयता और राष्ट्रहित की भावना को संरक्षित एवं संवर्धित किया जा सकता है। तीसरे सत्र में युवाओं को शाखा लगाने की प्रक्रिया और उसकी गतिविधियों से परिचित कराया गया। युवा संवाद की अध्यक्षता भाग संघचालक राधेरमण ने की। इस दौरान भाग कार्यवाह सुधीर राय, राजेश, सह भाग कार्यवाह संतोष, भाग प्रचारक अरुणेश, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार श्रीवास्तव, भाग बौद्धिक प्रमुख अनूप, नगर कार्यवाह महेश, नगर विस्तारक सत्यम और श्याम नारायण समेत महानगर उत्तरी के विभिन्न विद्यालयों के युवा स्वयंसेवक मौजूद रहे।
अनुशासन संघ की पहचान
दूसरे सत्र में विभाग प्रचारक अजय नारायण ने कहा कि अनुशासन संघ की पहचान है। संघ का उद्देश्य देशभक्त नागरिक तैयार करना है। युवाओं को देश और समाज के प्रति त्याग के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। जब देश सर्वोपरि की भावना से कार्य होगा, तभी मजबूत और समर्थ भारत का निर्माण संभव होगा। उन्होंने युवाओं से समाज के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


