इद्रेश कुमार ने चीन से बुद्ध के रास्ते पर चलने का आग्रह किया
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने चीन से अपनी विस्तारवादी नीति छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात के बाद कहा कि देश के रिश्तों का आधार मानवता और धार्मिक सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है और दलाई लामा को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है।

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने शनिवार को चीन से अपनी ‘विस्तारवादी नीति’ छोड़ने और बुद्ध के रास्ते पर चलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देशों के बीच संबंधों का आधार मानवता और धर्मों के प्रति आपसी सम्मान होना चाहिए। धर्मशाला में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मिलने के बाद कुमार ने कहा कि भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है। इंद्रेश कुमार ने बताया कि आज हमने दलाई लामा से मुलाकात की और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत एक ऐसी भूमि है जो सभी धर्मों का सम्मान करती है। भारत विस्तारवादी नीति में विश्वास नहीं करता है और दलाई लामा भारत में अपने धर्म का पालन करने और उसका अभ्यास करने के लिए स्वतंत्र हैं।हिमाचल
प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि रूस, चीन और भारत जैसे देश आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विचारों में ज्यादा समानता आने से आर्थिक और कूटनीतिक संबंध बेहतर हो सकते हैं। गुप्ता ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि चाहे रूस हो, चीन हो या भारत, हम सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। मुझे लगता है कि जब हमारी सोच एक जैसी होगी तो हमारे व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध बेहतर होंगे, इसलिए मैं चाहता हूं कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इसे हासिल करने का एक मंच बने।


