राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक
मुरादाबाद में आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा के अवसर पर कृषि स्नातकों के साथ युवा संवाद आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता ने कहा कि युवाओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण में निर्णायक है। उन्हें कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। कार्यक्रम में 100 से अधिक कृषि स्नातकों ने भाग लिया।

मुरादाबाद। दिल्ली रोड स्थित कृषि प्रशिक्षण संस्थान, जार्ड्स में बुधवार को आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा के अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कृषि स्नातकों के साथ युवा संवाद का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता आरएसएस के मुरादाबाद विभाग प्रचारक बृजमोहन ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। युवाओं की जिम्मेदारी केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और कृषि क्षेत्र में बदलाव के वाहक हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं में राष्ट्रबोध, कर्तव्यबोध, अनुशासन और समाज के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है। कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं में ग्रामीण जीवन और कृषि अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की विशेष क्षमता है।
युवाओं की भूमिका
उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने कहा कि आज का युवा केवल अपने भविष्य का निर्माता नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने वाला है। युवा संवाद में इंवर्टिस यूनिवर्सिटी एवं बिहार यूनिवर्सिटी के 100 से अधिक कृषि स्नातक और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कृषि और ग्रामीण विकास में युवाओं की भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि प्रशिक्षण संस्थान, जार्ड्स के प्रबंध निदेशक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता ने की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई पीढ़ी की भागीदारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण होगी।


