शताब्दी और वंदे भारत पर पथराव में दो गिरफ्तार
धनबाद में वंदे भारत एक्सप्रेस और रांची-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी के दो मामले में आरपीएफ ने नीतीश कुमार यादव और सुबोध पाठक को गिरफ्तार किया। दोनों को जेल भेजा गया है। नीतीश ने शताब्दी एक्सप्रेस की खिड़की का शीशा तोड़ा, जबकि सुबोध ने वंदे भारत एक्सप्रेस का शीशा तोड़ा।

धनबाद, मुख्य संवाददाता। वंदे भारत एक्सप्रेस और रांची-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर मार कर ट्रेन की खिड़की का शीशा तोड़ने के दो मामले में आरपीएफ ने दो आरोपियों को दबोचा। कतरास के लकड़का पांच नंबर निवासी नीतीश कुमार यादव ने शताब्दी एक्सप्रेस और लोयाबाद नौ नंबर निवासी सुबोध पाठक ने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की थी। दोनों को आरपीएफ ने बुधवार को जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी की जानकारी
इंस्पेक्टर अजय प्रकाश ने बताया कि चार अगस्त को शताब्दी एक्सप्रेस में बोकारो से धनबाद तक एस्कार्ट करते हुए प्रधान आरक्षी एसएन यादव एवं महिला आरक्षी नीलम आ रहे थे। शाम 6.48 बजे कुसुंडा में किसी ने ट्रेन पर पत्थर मारकर कोच संख्या सी-6 की खिड़की का शीशा तोड़ दिया। जानकारी मिली तो आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और कुसुंडा स्टेशन पर लाइन किनारे बैठे आरोपी को दबोच लिया। नीतीश ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने की बात कबूल की है।
दूसरा मामला
इस तरह 16 जून को धनबाद से आसनसोल की तरफ जाने के दौरान धोखरा हॉल्ट पर सुबोध ने वंदे भारत एक्सप्रेस की सी-10 बोगी का शीशा पत्थर मार कर तोड़ दिया। आरपीएफ को बुधवार को गुप्त सूचना मिली कि वह प्रधानखंता स्टेशन पर बैठा है। सूचना पर आरपीएफ ने उसे पकड़ा। उसने स्वीकार किया कि घटना के दिन वह धनबाद से आसनसोल के बीच यात्रियों का सामान चुराने के इरादे से ट्रेन में चढ़ा था। सफलता नहीं मिली तो वह धोखरा हॉल्ट पर ट्रेन से उतर गया। महुआ शराब पीकर वह वापस धोखरा हॉल्ट पहुंचा और वंदे भारत एक्सप्रेस का शीशा तोड़ दिया।


