आधार एडिट कर फर्जी टिकट पर यात्रा करते छह यात्री गिरफ्तार
आरपीएफ टीम ने फर्जी टिकट पर यात्रा कर रहे छह यात्रियों को पकड़ लिया है। टिकट दलाल के जरिए महंगे दाम पर टिकट खरीदने का मामला उजागर हुआ। यात्रियों ने 23900 रुपये का भुगतान किया जबकि असली किराया 11866 रुपये था। अब सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गोंडा, संवाददाता। आरपीएफ टीम ने दूसरे के नाम पर बुक किए गए टिकट पर यात्रा कर रहे छह यात्रियों को बुधवार को पकड़ लिया। सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही टिकट बेचने वाले दलाल को वांटेड घोषित किया गया है। पोमंडल मुख्यालय से प्राप्त इनपुट पर कार्यवाही के दौरान ज्ञात हुआ कि रेलवे टिकट दलालों द्वारा आधार कार्ड में नाम व क्यूआर कोड बदलकर संगठित तरीके से महंगे दामों पर फर्जी टिकट बिक्री का गिरोह संचालित किया जा रहा है।
छह यात्रियों की गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक बस्ती और निरीक्षक अजमेर सिंह यादव, निरीक्षक अनिरूद्ध राय की निगरानी में 23 जून की रात गाड़ी संख्या 20104 (एलटीटी एक्सप्रेस) के एस 1-3 कोच में जांच की गई। टीम ने गाड़ी संख्या 20104 के S1 कोच की बर्थ संख्या 2,3,5,6 एवं 40 तथा S3 में बर्थ न 32 पर यात्रा कर रहे सभी छह यात्रियों को छद्म नामों से यात्रा करते पकड़ा। जांच में पता चला कि ये यात्री ओपनिंग श्रेणी के रिजर्वेशन ई टिकट पर यात्रा कर रहे थे, लेकिन ई टिकट मूल रूप से अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक था। यात्रियों द्वारा प्रस्तुत आधार कार्डों को पर चेक करने पर नाम और QR कोड एडिट/परिवर्तित पाए गए। टीम ने यात्री सुनील गुप्ता पुत्र सुनील रामाशीश निवासी मेहरबान की चाल थाना साम्पता नगर बोरीवली मुम्बई,
टिकट दलाल की भूमिका
उनकी पत्नी रीना, सतेंद्र सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी चकिया थाना धनघटा जिला संतकबीरनगर, हरिकेश यादव पुत्र राम मिलन निवासी गौरापार थाना धनघटा जिला संतकबीर नगर, फैज़ान अहमद पुत्र इजहार अहमद निवासी छपिया थाना दुधारा जिला संतकबीर नगर, ईश्वर चंद पुत्र रामवृक्ष निवासी नसीराबाद थाना पनिहरा जिला महाराजगंज को पकड़ लिया।
इस सभी का टिकट बस्ती से एलटीटी तक का बना पाया गया ल। सभी का बोर्डिंग स्टेशन बस्ती था। तीन टिकट ओपनिंग समय 60 दिन पहले बनाए गये थे। पूछताछ में इन यात्रियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मुंबई एवं बस्ती में अपने अपने मित्र/रिश्तेदारों के माध्यम से टिकट दलाल के माध्यम से अलग अलग माध्यमों से कुल 23900 रुपये का भुगतान यूपीआई से किया था। जबकि टिकट का कुल किराया 11866 है। दलाल ने पहले से बुक हुए टिकट को नाम व टिकट एडिट करके और आधार कार्ड एवं टिकट में बदलाव करके वास्तविक मूल्य से छह यात्रियों से 18034 रुपए अधिक लेकर उन्हें उपलब्ध कराया था।


