असम से बच्चा अपहृत कर दिल्ली जा रही महिला को पकड़ा
कानपुर में आरपीएफ ने एक गिरोह की महिला सदस्य को पकड़ा, जो असम से बच्चे को चुरा कर दिल्ली बेचने जा रही थी। महिला ने कबूल किया कि वह एक लाख रुपये में बच्चे को बेचने के लिए जा रही थी। असम पुलिस ने अपहर्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया और बच्चे को अपने संरक्षण में ले लिया।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। असम से बच्चों को चुराकर दिल्ली या मुंबई ले जाकर बेंचने वाले गिरोह की एक सदस्य को आरपीएफ पोस्ट सेंट्रल के प्रभारी ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया। अपहर्ता ने कबूला कि वह एक लाख रुपये में बच्चे को बेचने का सौदा होने के बाद उसे दिल्ली देने जा रही थी। आरपीएफ की रिपोर्ट पर असम पुलिस ने अपहर्ता के खिलाफ बच्चे को अगवा कर उसे बेचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। शुक्रवार को असम पुलिस कानपुर आकर बच्चा और आरोपी महिला को अपनी कस्टडी में ले गई। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि मंडलीय सुरक्षा नियंत्रण कक्ष प्रयागराज से सूचना दी गई कि 12505 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस में एक महिला पांच साल के बच्चे का अपहरण कर दिल्ली ले जा रही है।
सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 06 पर लगभग 15:30 बजे ट्रेन आई तो एसएन पाटीदार और उप निरीक्षक हिमांशु शर्मा एवं हमराह स्टाफ के साथ ट्रेन को चेक किया। एस-6 कोच में एक महिला दो बच्चों के साथ संदिग्ध अवस्था में मिली। मोबाइल पर उपलब्ध फोटो से मिलान करने पर महिला के साथ अपहृत बालक दिखा। पूछताछ करने पर वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। महिला एवं दोनों बच्चों को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल लाया गया। महिला ने अपना नाम 24 साल की अर्निका गोनक और निवासी जिला गोलाघाट, असम बताया। बच्ची को अपनी पुत्री बताया। वहीं लगभग पांच साल के बालक ज्ञान ज्योति दास के संबंध में कुछ न बता सकी। आरपीएफ ने असम के थाना जोरहाट और मंडलीय सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी। असम पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया। थाना जोरहाट, असम के विवेचक उप निरीक्षक जियाउल इस्लाम, महिला पुलिस स्टाफ के साथ आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल आए और महिला और बच्चे को ले गए।


