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बच्चों की परवरिश के लिए कोर्ट ने तीन नशेड़ियों को छोड़ा

महज सात से दस हजार रुपये की नौकरी करने वाले तीन युवक हेरोइन का नशा करते पकड़े गए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखने वाले आरोपियों के जेल में रहने के दौरान इनके छोटे बच्चे खाने-पीने के सामान के लिए मोहताज हो गए। अदालत इनके द्वारा छह महीने जेल में बिताए गए समय को इनकी सजा में बदलते हुए इनके परिवार के वर्तमान हालात को देखते हुए इन्हें रिहा कर दिया।

रोहिणी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार मिश्रा की अदालत ने 27 फरवरी 2019 को हेरोइन का नशा करते पकड़े गए आरोपियों को छह-छह महीने की कैद की सजा सुनाई। यह सजा वे पहले की जेल में काट चुके हैं। साथ ही अभियुक्तों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने इन अभियुक्तों को अपने नाबालिग बच्चों की अच्छी परवरिश की खातिर सुधरने की नसीहत दी है।

अदालत ने आरोपियों की पारिवारिक स्थिति को देखते हुए छह महीने में सुनवाई पूरी की गई है। इस बीच अभियुक्त जेल में रहे हैं। साथ ही इन्हें चेतावनी दी गई कि भविष्य में अगर वे दोबारा नशा करते हुए पाए गए, तो लंबे समय तक सलाखों के पीछे रहेंगे।

गवाह न बनने पर नोटिस देने को कहा : दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी ड्रग्स लेते हुए पकड़े गए। पुलिस का कहना था कि राहगीरों को गवाह बनने को कहा गया। लेकिन कोई इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इस पर अदालत ने कहा कि पुलिस को ऐसी स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नोटिस देने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। अगर कोई गवाह बनने को तैयार न हो तो उसे नोटिस देकर इसका पालन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, "न्यायिक हलकों का काम अपराधी को सिर्फ दंड देना या सजा सुनाना ही नहीं होता, बल्कि  समाज में सुधार की संभावना तलाशने की जिम्मेदारी भी न्यायिक अधिकारी के कंधों पर है।"

परिवार के हालातों का जायजा लिया
अदालत ने ड्रग्स की लत के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इन आरोपियों की स्थिति का जायजा लेने का निर्णय किया। इसके लिए अदालत ने आरोपियों के परिवारों की रिपोर्ट तलब की। इसमें बचाव पक्ष के वकील प्रदीप खत्री ने भी अदालत की मदद की। रिपोर्ट में पाया गया कि बेकरी की दुकान में काम करने वाले इन आरोपियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बदतर होती जा रही है। हालात ये हैं कि इनके नाबालिग बच्चे खाने-पीने के सामान के लिए भी मोहताज हो गए हैं। 

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  • Web Title:Rohini Court Release Three Drug Addict For Child Care