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27 जनवरी, 2020|12:40|IST

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तापमान में तेज उतार-चढ़ाव से बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, ऐसे करें बचाव

दिल्ली समेत देश के पश्चिमी राज्यों में तेजी से पांव पसार रहे इंफ्लुएंजा एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू को ताकत पिछले दो महीने से तापमान में आ रहे तेज उतार-चढ़ाव से मिल रही है। दरअसल, मौसम में आए अचानक बदलाव से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इन परिस्थतियों में वायरस अधिक शक्तिशाली हो जाता है। इसके चलते लोग आसानी से स्वाइन फ्लू के चपेट में आ जाते हैं। 

इस साल पहले 40 दिनों में देश में स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या 9367 पर पहुंच गई थी। 10 फरवरी को समाप्त सप्ताह में सामने आए 2666 नए मामलों को देखें तो पूरी आशंका है कि बीते सप्ताह में ही स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या 10 हजार के पार हो गई होगी। वहीं, इस साल स्वाइन फ्लू से अब तक 312 मौतें रिकॉर्ड की गई हैं। इसमें ज्यादातर मामले राजस्थान, गुजरात, पंजाब और दिल्ली समेत 11 राज्यों से जुड़े हुए हैं।

मूलचंद अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉक्टर श्रीकांत शर्मा के मुताबिक, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव स्वाइन फ्लू के मामलों तेजी का जिम्मेदार है। अगर तापमान तेजी से बदलता है तो मनुष्य की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वहीं, ऐसे माहौल में वायरस की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में मनुष्य आसानी से स्वाइन फ्लू का शिकार बन जाता है। जागरूकता और हाइजीन में कमी स्वाइन फ्लू समस्या को और बढ़ा देते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी मरीज को स्वाइन फ्लू हुआ और उसे घर पर आईसोलेट कर दिया जाए तो बीमारी आगे नहीं बढ़ेगी, लेकिन अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती और वे खुद स्कूल, ऑफिस और बाजार में स्वाइन फ्लू के वाहक बन जाते हैं।          
डॉक्टर शर्मा ने कहा कि अब मौसम में गरमी बढ़ रही है, वातावरण में ड्रॉपलेट (पानी की सूक्ष्म बूंदें) में कमी आने लगेगी। यह ड्रॉपलेट ही स्वाइन फ्लू को फैलाने में सबसे अधिक मदद करती हैं। ऐसे में जब वातावरण में ड्रॉपलेट ज्यादा नहीं बचेंगी, स्वाइन फ्लू फैलना भी रुक जाएगा और इस पर आसानी से काबू पाया जा सकेगा।

ऐसे करें स्वाइन फ्ले से बचाव 

- घर में किसी को स्वाइन फ्लू हो तो उसे कुछ दिन अलग कमरे में रखें। स्कूल ऑफिस न जाने दें।
- रूमाल की जगह टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, क्योंकि रूमाल में वायरस चिपक कर रह सकता है।
- अभिवादन में लोगों से हाथ मिलाने की बजाय उनसे भारतीय स्टाइल में हाथ जोड़कर नमस्ते करें।
- जितना अधिक हो सके उतनी बार हाथ धोएं। कहीं बाहर से घर आने पर एक बार जरूर हाथ धोएं।

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  • Web Title:risk of Swine Flu increased with high fluctuation in temperature