तेजी से बढ़ रहा घाघरा का जलस्तर
घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सगड़ी तहसील के तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है। डिघिया और बदरहुआ गेज पर जलस्तर में वृद्धि के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

लाटघाट, हिन्दुस्तान संवाद। सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर से बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में डिघिया और बदरहुआ गेज पर जलस्तर में वृद्धि दर्ज होने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर पर सिंचाई एवं बाढ़ खंड विभाग की नजर बनी हुई है। बदरहुआ गेज पर बुधवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 70.50 मीटर था, जो गुरुवार शाम चार बजे बढ़कर 70.62 मीटर पहुंच गया। इस तरह यहां 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
बदरहुआ गेज पर नदी न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर से 37 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां खतरे का निशान 71.68 मीटर तथा अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर निर्धारित है। वहीं, डिघिया गेज पर बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 69.77 मीटर था,जो गुरुवार शाम चार बजे बढ़कर 69.95 मीटर हो गया। यहां 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 70.40 मीटर से अभी 45 सेंटीमीटर नीचे है। नदी यहां न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर से 87 सेंटीमीटर ऊ पर बह रही है। डिघिया गेज का अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। घाघरा के बढ़ते जलस्तर से महुला, टेकनपुर, सहबदिया, सहनूपुर, परसिया, गांगेपुर समेत तटवर्ती और निचले इलाकों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उधर, बाढ़ सुरक्षा के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने महुला-गढ़वल तटबंध पर बारिश से क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत के लिए मिट्टी डलवानी शुरू कर दी है। तटबंध पर स्थित रेगुलेटरों से हो रहे रिसाव को रोकने की भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


