गंदगी से बेकाबू है संक्रामक रोग, जांच कराने में भी दिक्कत
अम्बेडकरनगर में मच्छर जनित रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में जिले में 34 डेंगू, 13 मलेरिया और 2 चिकनगुनिया के मामले आए हैं। सफाई की कमी और गंदगी के कारण ये समस्याएँ बढ़ रही हैं।

अम्बेडकरनगर, संवाददाता। जिले में मच्छर जनित रोगों का कहर बरप रहा है। संक्रमित रोगी शासन और प्रशासन के अभियान और व्यवस्था की पोल खोल रहे है। जवाबदेही का सच बयां कर रहे है। शहर और गांव की गंदगी संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की हकीकत बता रहे हैं। मानसून में बारिश से मच्छर पनपते हैं। मच्छर जनित रोगों का प्रकोप बढ़ता है। सबसे अधिक प्रकोप अगस्त से नवंबर माह तक होता है। माना जाता है कि ठंड बढ़ने के बाद मच्छरों का और मच्छरों से होने वाले डेंगू, मलेरिया, एक्यू इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एआईएस), जेई, चिकनगुनिया, लैप्टोस्पाईरोसिस, स्कब टाइफस रोग का प्रकोप होता है।
इसी के चलते संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान चलता है और शहर एवं गांव में साफ सफाई, मच्छरों के खात्मे के लिए फागिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव, रोगों के लक्षण वालों की पहचान, जांच और इलाज, क्लोरोक्रोरीन की दवा के वितरण, लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी होती है। जिले में बीते माह संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान चला था। रोगों के लक्षण वालों की दस्तक अभियान में सूची बनाने और मरीजों के जांच और इलाज को छोड़ कर अभियान में केवल औपचारिकता निभाई गई है। साफ सफाई अभियान की सच्चाई गांव को कौन कहे शहर की बजबजाती नालियां, जगह-जगह जमा कूड़े का ढेर ही बयां कर देते हैं। संचारी रोग नियंत्रण अभियान से भी शहर तक की गंदगी खत्म नहीं हुई है। इसका परिणाम है कि मच्छर जनित रोग डेंगू का कहर बरप रहा है। जिले में सोमवार तक डेंगू के 34, मलेरिया के13, चिकनगुनिया के दो, स्क्रब टाइफस के सात पॉजिटिव मिल चुके हैं। जिले में डेंगू से एक की मौत भी हो चुकी है।


