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अलर्ट! यही हाल रहा तो दोगुनी गर्म हो जाएगी धरती

लाइव हिन्‍दुस्‍तान टीम,नई दिल्लीMeenakshi
Sat, 07 Jul 2018 06:11 PM
अलर्ट! यही हाल रहा तो दोगुनी गर्म हो जाएगी धरती

जलवायु परिवर्तन की वजह से वैश्विक तापमान में अनुमान से भी दोगुनी बढ़ोतरी हो सकती है। एक नए शोध में चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द ही कदम नहीं उठाए गए तो दुनिया को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। दीर्घकाल में धरती के तापमान को 2 डिग्री से कम रखने के लिए भारत समेत 195 देशों ने पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि 17 देशों के विशेषज्ञों द्वारा किए गए नए शोध में कहा गया है कि अगर हम इस दीर्घकालिक लक्ष्य को हासिल भी कर लेते हैं, तो भी समुद्र का जलस्तर 6 मीटर तक बढ़ सकता है। 

यही नहीं इकोसिस्टम में बदलाव के चलते जंगल आग के चलते खत्म हो जाएंगे और सहारा रेगिस्तान में घास के मैदान देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पेरिस समझौते के तहत वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री तक रखने की कोशिश करनी चाहिए। शोध टीम के प्रमुख व बर्न विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हुबेरटस फिशर के मुताबिक पूर्व में गर्मी की अवधि का अध्ययन दर्शाता है कि दीर्घकाल में गर्मी का बढ़ने की संभावना बहुत ज्यादा है और 2 डिग्री का लक्ष्य अनुमान की तुलना में काफी छोटा है। 

डूबने का खतरा 

-6.5 फुट तक बढ़ सकता है समुद्र का जलस्तर सदी के अंत तक 
-जापान के ओसाका, चीन के शंघाई, अमेरिका के मियामी और ब्राजील के रियो पर डूबने का खतरा 
-30 साल में हर दो हफ्ते में 3.11 लाख घरों के डूबने का खतरा 

कम हो रही बर्फ

-21,400 टन औसतन हर साल बर्फ पिघल रही अंटार्टिका में 
-3 गुना ज्यादा तेजी से पिघल रही अंटार्टिका की बर्फ 2012 की तुलना में 

धरती का तापमान बढ़ रहा 

-4 डिग्री तक बढ़ सकता है धरती का तापमान 2064 से 2095 के बीच एक शोध के मुताबिक 
-0.86 डिग्री ज्यादा गर्म रहा इस साल अप्रैल 1951-80 के औसत तापमान से 
-1.07 डिग्री के साथ अप्रैल सबसे ज्यादा गर्म महीना 2016 में था 

पूरी दुनिया भीषण गर्मी की चपेट में 

इस साल सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया भीषण गर्मी की चपेट में हैं। यहां तक कि आमतौर पर ठंडे रहने वाले यूरोप के कई देश भी गर्मी से बेहाल हैं। 
-33.2 डिग्री तापमान पिछले हफ्ते मदरवैल शहर में, स्कॉटलैंड के इतिहास में सर्वाधिक तापमान 
-42.2 डिग्री रात का तापमान दर्ज किया गया 27 जून को ओमान में, जो अब तक दुनिया में सबसे ज्यादा 
-36.6 डिग्री रिकॉर्ड तापमान रहा कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर का 2 जुलाई को 
-14.8 डिग्री बढ़ गया ब्रिटेन का औसत तापमान पिछले महीने 
-40.6 डिग्री सर्वाधिक तापमान अमेरिका के डेनवॉर और कोलेराडा का रहा 28 जून को 
-50.2 डिग्री तक तापमान पहुंचा पाकिस्तान में 

भारत में तापमान में ढाई गुना की वृद्धि 

-0.5 डिग्री औसत तापमान बढ़ा 1960 से 2009 के बीच 
-52.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया जैसलमेर में 2016 में 
-25 फीसदी तक बढ़ गए गर्म हवाओं के दिन 
-2.2 से 5.5 डिग्री तक तापमान बढ़ने की आशंका सदी के अंत तक 

मौत का खतरा बढ़ा 
-146 फीसदी ज्यादा बढ़ गया गर्म हवाओं के चलते जान जाने का खतरा 
-1300 लोगों की जान लू के चलते गई थी 2010 में 
-2500 लोगों की जान गई 2015 में भारत में 
(स्रोत (भारत के आंकड़ों का): जर्नल साइंस एडवांस में 2017 में प्रकाशित अध्ययन)


 

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