बारिश में बढ़े सर्पदंश के मामले
संतकबीरनगर जिले में पिछले सप्ताह से हो रही बारिश से मेंहदावल क्षेत्र में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। अस्पताल में चिकित्सक समय पर इलाज कर मदद कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में 40 मरीज अस्पताल आए, जिनमें 10 को विषैले सर्प ने काटा। चिकित्सक लोगों को जागरूक कर रहे हैं और समय पर इलाज करवाने की सलाह दे रहे हैं।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से मेंहदावल क्षेत्र में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सर्पदंश की घटना पर मरीजों के समय से अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक उपचार कर जान बचा रहे हैं। सीएचसी में चिकित्सकों के अनुसार पिछले एक सप्ताह के भीतर सर्प दंश के 40 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 10 मरीजों को विषैले सर्प ने काटा था, जबकि 30 मामलों में सामान्य या कम विषैले सर्पदंश की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का समय पर इलाज कर उनकी हालत में सुधार किया गया। इस घटना को लेकर चिकित्सक लगातार जागरूक कर बचाव करने का सलाह दे रहे हैं।मेंहदावल
सीएचसी अधीक्षक डाक्टर आईडी गौरव ने कहा कि इन दिनों प्रतिदिन दो से चार से अधिक सर्पदंश के मरीज इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम समेत सभी आवश्यक दवाएं और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि हमारे जानकारी में अब तक उपचार के लिए आए किसी भी मरीज की सर्पदंश से मृत्यु की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में घर, खेतों, बगीचों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रात के समय टॉर्च का उपयोग करें, खुले स्थान पर सोने से बचें और खेतों में काम करते समय जूते पहनें। अधीक्षक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र, ताबीज या घरेलू उपचार के चक्कर में पड़कर समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। समय से चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।


