महंगाई की मार : चीनी के साथ दाल-मसालों को लगे पंख, भाव आसमान पर
मुजफ्फरपुर में महंगाई के चलते आम आदमी की कमर टूट गई है। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम काफी बढ़ गए हैं। दाल, तेल और मसाले महंगे हुए हैं। उसका असर मिठाइयों पर भी पड़ा है, जिससे रक्षाबंधन पर मिठाइयों के दाम बढ़ गए हैं।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। त्योहार से पहले ही महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। थोक मंडी से खुदरा बाजार तक रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बेतहासा बढ़े हैं। किराना दुकानों पर दाल, तेल और मसालों के दाम सुनकर लोग आधा सामान लेकर लौट रहे हैं। बीते तीन हफ्ते में चीनी पर 20 रुपये तो मसालों पर 20 से 50 रुपये और बड़ी व छोटी इलायची पर 500 से 1000 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। गृहिणियों का कहना है कि दो हजार में भरा जाने वाला थैला अब तीन हजार में भी पूरा नहीं पड़ रहा।
महंगाई का असर
छाता बाजार के खुदरा किराना के खुदरा कारोबारी सुबोध कुमार ने बताया कि चना की कीमत बढ़ने से बेसन और दाल महंगा हो गया है। चना का भाव बीते 21 दिनों में 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो पर पहुंच गया है। इससे चना दाल 85 और बेसन प्रतिकिलो 120 रुपये बिक रहा है। इसी तरह लाल मिर्च का भाव 250 से 270 और धनिया 150 से बढ़कर 200 रुपये प्रतिकिलो पर पहुंच गया है।
रक्षाबंधन से पहले मिठाइयों के भाव चढ़े
चीनी के भाव में बढ़ोतरी से रक्षाबंधन से पहले ही मिठाइयों के दाम बढ़ गए है। माखन साह चौक के मिठाई विक्रेता गणेश गुप्ता ने बताया कि चीनी के भाव में 20 रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोतरी से अधिकांश मिठाईयों के भाव बढ़ गए हैं। बलुशाही, लट्डू, पेड़ा, कलाकंद, रसकदम तक 20 रुपये महंगे हो गए हैं। गोला बाजार के थोक कारोबारी अनिल कुमार ने बताया कि 21 दिन पहले चीनी 4200 रुपये क्विंटल था जो 6200 रुपये पर पहुंच गया है। इस कारण खुदरा बाजार में चीनी 65-66 रुपये kilo बिक रही है।
सामान की बढ़ती कीमतें
बेला की रीना सिन्हा ने बताया कि मसाला, चीनी, प्याज और मिठाई की जरूरत प्रत्येक परिवार में होती है। इसके साथ ही पूजन सामग्री की कीमत में भी बढोतरी हुई है। रामबाग की श्वेता सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन में प्रत्येक वर्ष अपने भाई को राखी और मिठाई भेजती हूं, इसबार मिठाई की कीमत ने सोचने पर मजबूर कर दिया है।


