तीन स्परों पर नदी का दबाव, अभियंताओं की टीम कर रही कैंप
कुशीनगर के अमवा खास तटबंध पर बड़ी गंडक नदी का दबाव बढ़ रहा है। बाढ़ खंड विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। तटबंध के संवेदनशील स्परों पर नदी की तेज धारा का दबाव देखा जा रहा है। अभियंताओं की एक टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है। स्थानीय किसानों में चिंता बढ़ गई है।

कुशीनगर। अमवा खास तटबंध पर बड़ी गंडक नदी का दबाव बढ़ने लगा है। नदी के डिस्चार्ज में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तटबंध के तीन संवेदनशील स्परों पर नदी की तेज धारा का दबाव देखा जा रहा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए अभियंताओं की टीम तटबंध पर ही कैंप कर रही है।करीब 10.5 किलोमीटर लंबे अमवा खास तटबंध के किलोमीटर 7, 7.5 और 8.6 पर बने स्परों पर नदी का दबाव बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बैराज से नदी का डिस्चार्ज 1.80 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। डिस्चार्ज में हो रही बढ़ोतरी और कमी का असर सीधे तौर पर नदी की धारा और तटबंध पर पड़ रहा है।
किलोमीटर 7 और 7.5 के संवेदनशील हिस्सों पर इसी वर्ष करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तटबंध और स्पर मरम्मत का कार्य कराया गया है। वहीं, किलोमीटर 8.6 पर नया कार्य नहीं कराया जा सका है। नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से तटबंध के किनारे और संवेदनशील बिंदुओं के पास बोल्डर की डंपिंग कर उसका पर्याप्त स्टॉक भी रखा गया है। नदी के किनारे बसे गांवों के लोग भी नदी के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नदी के बिल्कुल करीब खेती करने वाले किसानों में भी चिंता बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि जलस्तर बढ़ा तो फसलों और तटवर्ती इलाकों को नुकसान पहुंच सकता है। इस संबंध में सहायक अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि तीनों संवेदनशील बिंदुओं पर विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। अभियंताओं की टीम तटबंध पर कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।


