पोटका में मलेरिया रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान करेंगे लोगों को जागरूक, डुगडुगी, नुक्कड़ नाटक से होगा प्रचार
पोटका प्रखंड में मलेरिया के मामलों में वृद्धि और उससे होने वाली मौतों के बीच, स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम की रणनीति को गांव स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया है। ग्राम प्रधानों और सहिया साथियों को सक्रिय भूमिका दी जाएगी। मलेरिया के लक्षणों और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।

पोटका प्रखंड में बढ़ रहे मलेरिया के मामलों और इससे हो रही मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम की रणनीति को गांव स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है। अब अभियान में ग्राम प्रधानों और सहिया साथियों को भी सक्रिय भूमिका दी गई है। उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर शुक्रवार को प्रखंड सभागार में अंचल अधिकारी निकिता बाला की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित कर उन्हें मलेरिया उन्मूलन अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ग्राम प्रधानों की बैठक
बैठक में जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया ने कहा कि मलेरिया पर नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है। जनप्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से ही संक्रमण को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने ग्राम प्रधानों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देते हुए कहा कि बुखार या ठंड लगने पर मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें और कोर्स अवश्य पूरा करें। क्योंकि लापरवाही से बीमारी ब्रेन मलेरिया का रूप ले सकती है।
स्वास्थ्य अधिकारी का सुझाव
अधिकारियों ने पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घर के आसपास जलजमाव नहीं होने देने, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाने, जलजमाव वाले स्थानों पर केरोसिन या मोबिल छिड़काव कराने की सलाह दी। अंचलाधिकारी निकिता बाला ने ग्राम प्रधानों से गांव-गांव में डुगडुगी, नुक्कड़ नाटक और प्रचार वाहन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मलेरिया की दवा लेने वाले मरीजों की लगातार निगरानी भी जरूरी है, ताकि कोई मरीज बीच में उपचार न छोड़े। बैठक में महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद, सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी से मलेरिया नियंत्रण अभियान को गांवों में नई मजबूती मिलेगी。
मलेरिया मरीजों की संख्या फिर 114 पहुंची
जिले में मलेरिया का कहर कम नहीं हो रहा। मरीजों की संख्या किसी दिन कम तो किसी दिन अधिक हो रही है। शुक्रवार को एक बार फिर सभी प्रखंडों, मानगो शहरी क्षेत्र, बिरसानगर शहरी क्षेत्र और सदर अस्पताल में पर्याप्त संख्या में जांच की गई। शुक्रवार को कुल 12918 लोगों की जांच की गई, जिसमें कुल 114 मरीज मिले। इन प्रखंडों में सबसे अधिक जांच और मरीज पोटका में मिले। यहां 57 मरीज मिले। दूसरी सर्वाधिक जांच डुमरिया में 1786 की गई, जहां 19 मरीज मिले। मुसाबनी में 1057 की जांच में 12 मरीज मिले। अन्य प्रखंडों में मरीजों की संख्या 10 से कम रही। धालभूमगढ़ और घाटशिला में 8, पटमदा में छह पॉजिटिव मिले। सदर अस्पताल में दो जुगसलाई और बहरागोड़ा में एक-एक मरीज मिले। चाकुलिया में 1012 की जांच हुई, जहां एक भी मरीज नहीं मिला।


