गंगा 10 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर ने उड़ाई नींद
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण गंगा का जल स्तर परिवर्तित हो रहा है। सोमवार को जल स्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। खेतों में खड़ी फसलें पानी में समाने का खतरा है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए तैयार है।

पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के चलते कारण गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। सोमवार की सुबह को एक बार फिर जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश और बिजनौर बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में सोमवार को 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें बढ़ोतरी निरंतर जारी है।खादर क्षेत्र के गांव चक लठीरा के प्रधान निरंजन सिंह ने बताया कि जल स्तर इन दिनों उतार चढ़ाव पर रहता है, जिससे खादर क्षेत्र में भू-कटान जारी है, इसलिए खादर में गंगा तट पर जो खेतों में खड़ी फसल गंगा में समा सकती है।
जिससे किसानों को नुकसान होना पड़ सकता है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार की शाम छह बजे सोमवार की शाम तक ब्रजघाट में गंगा जलस्तर 198.17 मीटर(समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया है। तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल जल स्तर सामान्य है, उसके बावजूद भी टीम को भेजकर ग्रामीणों से संपर्क किया जा रहा है, प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयार है।


