गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट, खादर में बढ़ी चिंता
पहाड़ों पर लगातार बारिश और बिजनौर व हरिद्वार बैराज से पानी छोड़ने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए विभिन्न तैयारी की है, जिसमें राहत शिविरों की स्थापना और प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी शामिल है। कई गांवों की फसलें जलभराव की चपेट में आई हैं।

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बिजनौर व हरिद्वार बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गंगा के उफान को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम श्रीराम सिंह की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं कटान से बचाव को लेकर स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद, पंचायत राज समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। एसडीएम ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत चौपाल, राहत शिविर और कैंपों के लिए चिह्नित स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
बच्चों, वृद्धों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों का चिन्हांकन कर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही नावों का सत्यापन, विद्युत लाइनों की सुरक्षा, आपातकालीन मार्गों की पहचान और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।उधर, ब्रजघाट पर गंगा का जलस्तर 198.48 मीटर तक पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर से गढ़ खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के जंगल और हजारों बीघा पालेज व सब्जी की फसलें जलभराव की चपेट में आ गई हैं। एसडीएम और तहसीलदार पवन कुमार ने बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की। प्रशासन ने सभी बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट मोड पर रखते हुए राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।


