सदानीरा में उफान, मौसम का मिजाज
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो रात आठ बजे 69.24 मीटर तक पहुंच गया। पिछले चार दिनों में जलस्तर में कमी आई थी, लेकिन अब फिर से खतरे के संकेत हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। गंगा में फिर उफान के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। बुधवार भोर से जलस्तर में बढ़ाव की गति रात आठ बजे तेज हो गई। सुबह 8 बजे से अपराह्न चार बजे तक आधा सेंमी की गति से जलस्तर बढ़ रहा था जबकि रात में दो सेंमी प्रति घंटा जलस्तर बढ़ रहा था। केन्द्रीय जल आयोग का अनुमान है कि फिलहाल जलस्तर में बढ़ाव जारी रहना है। गंगा के रूख में अचानक आए बदलाव ने उसके साथ वरुणा-गोमती एवं नाद नदियों के तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें फिर बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों से गंगा के जलस्तर में कमी आने से वरुणा किनारे के बाशिंदे राहत की सांस लेने लगे थे।
राहत शिविरों से डेढ़ हजार से अधिक लोग अपने घर-मकानों में लौट गए हैं। गंगा के साथ गोमती एवं नाद किनारे बसे गांवों की कई एकड़ कृषि भूमि से बाढ़ का पानी अभी उतरा ही है। बुधवार के संकेतों को देखते हुए सभी सहायक नदियों में पलट प्रवाह होने और दुश्वारियों के बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। जल आयोग से जुड़े जानकारों के मुताबिक उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश में दो दिनों से शुरू हुई भारी बारिश से गंगा के अपस्ट्रीम फाफामऊ, प्रयागराज जिलों में जलस्तर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 15 सितंबर तक उक्त राज्यों में मध्यम एवं तेज के साथ कहीं-कहीं अतिवृष्टि का पूर्वानुमान लगाया है। जाहिर है, उस बारिश के पानी से गंगा में ही दबाव बढ़ेगा। इस आधार पर जलस्तर के काफी ऊपर पहुंचने की आशंका है। रात आठ बजे गंगा का जलस्तर दो सेंमी प्रति घंटा की गति से बढ़ते हुए 69.24 मीटर पहुंच गया था। वाराणसी में चेतावनी बिंदु का लेवल 70.262 मीटर जबकि खतरे के निशान का लेवल 71.262 मीटर है। इस हिसाब से रात में जलस्तर चेतावनी बिंदु से 1.02 मीटर नीचे था।


