चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों में बाढ़ का डर है। जलस्तर 136.20 मीटर पर है, जो चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर नीचे है। स्थानीय लोग अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं और कई पहले से ही प्लानिंग कर रहे हैं।
फर्रुखाबाद, संवाददाता। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को जलस्तर 10 सेंटीमीटर और बढ़ गया । इस तरह से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर नीचे है। बांधों से पानी की मात्रा इसी तरह से रही तो और इजाफा हो सकता है। बाढ़ के डर से तराई और गंगापार क्षेत्र के लोग अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं। कई क्षेत्रों में तो लोग इस कदर भयभीत हैं कि वे अभी से आगे की प्लानिंग करने लगे हैं। शाम को गंगा का जलस्तर 136.20 मीटर पर रहा। 24 घंटे में इसमें 10 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ।
इस तरह से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर नीचे है। नरौरा, हरिद्वार और बिजनौर बांधों से गंगा में जो पानी पास किया गया है उसकी मात्रा तो नहीं बढ़ायी गयी है मगर पानी का तेज प्रवाह देखकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है। सबसे अधिक चिंता शमसाबाद तराई, कंपिल की कटरी और गंगापार क्षेत्र में है। बाढ़ के डर से ग्रामीण इस कदर बेहाल हो रहे हैं कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए चिंतित हैं। ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा में फसल गंगा के प्रकोप में कहीं न समा जाये इससे तटीय इलाकों के ग्रामीणों की नींद उड़ी है। वैसे भी तटीय इलाकों के लोगों का मुख्य आधार खेतीबाड़ी ही है और खेतीबाड़ी हर साल उजड़ जाती है। राहत की बात तो यह है कि रामगंगा में अभी कोई खतरा नहंी है। बिलो गेज पर चल रही हैं। इस नदी में भी कोई खास पानी पास नहीं किया गया है। तराई क्षेत्र के नगला बसोला, भगवानपुर, सैदपुर पिस्तौर, गुटैटी दक्षिण, कासिमपुर तराई समेत आस पास के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव के लोग गंगा से सबसे अधिक दहशत में हैं।


