गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, तटवर्ती गांवों में बढ़ी हलचल
कन्नौज में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे पास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीण सतर्क हैं और स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन भी स्थिति पर निगरानी रख रहा है।

कन्नौज। गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। इससे नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में हलचल बढ़ गई है। जलस्तर में वृद्धि के चलते ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हो गए हैं और नदी के आसपास के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार छह सितंबर की सुबह आठ बजे मेहंदी घाट पर गंगा का जलस्तर 125.300 मीटर दर्ज किया गया। पिछले स्तर की तुलना में जलस्तर में 0.100 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। विभाग ने गंगा के जलस्तर का रुख बढ़ता हुआ दर्ज किया है। गंगा का खतरे का निशान 125.970 मीटर है, जबकि अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 126.780 मीटर दर्ज है।
ऐसे में वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 67 सेंटीमीटर नीचे है। उधर, चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। बैराज का वर्तमान डिस्चार्ज 96,219 क्यूसेक दर्ज किया गया है। पानी की आवक और निकासी के चलते गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने खेतों और नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी की स्थिति पर निगरानी शुरू कर दी है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें भी जलस्तर पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


