गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा, मुंगेर में 32.98 मीटर पर पहुंचा पानी
मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 13 जुलाई 2026 को जलस्तर 33.14 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 6.35 मीटर नीचे है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और सभी आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण शुरू कर दिया है।

मुंगेर निज प्रतिनिधि। जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिला आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र डीईओसी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 13 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे तक गंगा का जलस्तर 33.14 मीटर दर्ज किया गया। सुबह 6 बजे यह 32.90 मीटर था। मुंगेर में खतरे का निशान 39.33 मीटर और चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है। अभी खतरे के निशान से करीब 6.35 मीटर नीचे पानी बह रहा है। इसके बावजूद ट्रेंड आर यानी बढ़ोतरी का है। डीईओसी के आंकड़ों के अनुसार गंगा के अन्य क्षेत्रों में भी जलस्तर में वृद्धि देखी गई है। इलाहाबाद में 10 बजे जलस्तर 73.10 मीटर, वाराणसी में 58.57 मीटर, बक्सर में 48.96 मीटर, पटना दिघा घाट में 45.07 मीटर, पटना गांधी घाट में 44.82 मीटर, हाथीदह में 36.62 मीटर और भागलपुर में 27.40 मीटर दर्ज किया गया। सभी जगहों पर जलस्तर बढ़ने की प्रवृत्ति है।
बाढ़ से पहले की तैयारी तेज:
प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव और गोताखोरों की तैनाती के साथ ही राहत सामग्री का भंडारण शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे न जाने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। गंगा का जलस्तर पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में भी बारिश के आसार हैं, ऐसे में जलस्तर और बढ़ सकता है।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, बाढ़ की सभी तैयारी पूरी
चीफ सेक्रेटरी ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश, राहत सामग्री का टेंडर भी हुआ
नाव, पॉलीथिन शीट, सूखा राशन और दवाओं सहित बाढ़ में उपयोग होने वाली सभी सामग्रियों का हुआ टेंडर
मुंगेर निज प्रतिनिधि। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ को देखते हुए मुंगेर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। बा floods के दौरान उपयोग में आने वाली सभी सामग्रियों का टेंडर भी पूरा कर लिया गया है। सोमवार को राज्य के चीफ सेक्रेटरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बा flood प्रभावित क्षेत्रों में समय पर राहत पहुंचाने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने को कहा।
बोले एडीएम:
एडीएम मनोज कुमार ने बताया कि "जिले में गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित बा flood को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। नाव, पॉलीथिन शीट, सूखा राशन और दवाओं सहित बा floods में उपयोग होने वाली सभी सामग्रियों का टेंडर हो चुका है। चीफ सेक्रेटरी के निर्देश पर राहत केंद्रों को सक्रिय रखा गया है और कर्मियों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आम लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी किनारे न जाएं।"
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ये तैयारी की गई प्रशासन की ओर से:
बा flood संभावित पंचायतों में राहत शिविर बनाने की जगह चिन्हित कर ली गई है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों से भी समन्वय स्थापित किया गया है। तटबंधों और कटाव वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। ऐसे में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।


