बैराज पर उफान पर आई गंगा, आधा दर्जन गांवों की फसलें जलमग्न
रामराज पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में बारिश के कारण गंगा बैराज पर जलस्तर बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों में आतंक है क्योंकि कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। एसडीएम जानसठ ने स्थिति का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए गंगा के किनारे न जाने की सलाह दी।

रामराज पहाड़ों व मैदानी क्षेत्री में हो रही बारिश से गंगा बैराज पर गंगा उफान पर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। इतना ही नहीं भूगर्भ से निकले चोये के पानी से करीब आधा दर्जन गांवों की फसलें जलमग्न हो गई है। एसडीएम जानसठ ने टीम के साथ निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है।गुरुवार की रात्रि में हरिद्वार से से गंगा नदी में पानी छोड़ा गया, जिसकी वजह से जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे रह गया था। लगातार जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भी दहशत है। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे गंगा नदी के अपस्ट्रीम 221.50 मीटर व डाउनस्ट्रीम में 218.60 मीटर की माप तथा गंगा नदी के निस्सारण की 63278 क्यूसेक माप दर्ज की गई।
जबकि अतिरिक्त जल मध्य गंगा नहर स्टेज 1 में करीब 3750 क्यूसेक व मध्य गंगा नहर स्टेज 2 में 500 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार से सुबह आठ बजे 58638 क्यूसेक जल और छोड़ा गया जो कि शुक्रवार की देर रात तक गंगा बैराज पर पहुंचेगा जिससे जलस्तर और बढ़ने की सम्भावना है। जल स्तर बढ़ने से अहमदवाला, हंसावाला, छिलौर, चुहापुर-फरीदपुर, धर्मपुरा कदीम व जदीद, जीवनपुरी गांवों के जंगल की फसलें जलमग्न हो गई। एसडीएम जानसठ रश्मि लाम्बा ने तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, नायब तहसीलदार अजय सिंह के साथ गंगा बैराज स्थित कन्ट्रोल रूम पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस संबंध में एसडीएम रश्मि लाम्बा ने बताया कि जलस्तर में बढ़त हुई है, किन्तु बाढ़ वाली कोई स्थिति नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। टीम जलस्तर का बार-बार जायजा ले रही है। सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों को गंगा के किनारे न जाने को कहा गया है।


