गर्भधारण में समस्या और अनियमित पीरियड्स का कारण बन रहा पीसीओडी

हिन्दुस्तान, भागलपुर
Follow us on Google News
share

मायागंज अस्पताल के ओपीडी में रोजाना आधा दर्जन महिलाओं की पहचान 18 से 40 वर्ष

गर्भधारण में समस्या और अनियमित पीरियड्स का कारण बन रहा पीसीओडी

भागलपुर, वरीय संवाददाता। मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के गायनी विभाग में अनियमित पीरियड्स की शिकायत लेकर पहुंच रही कई महिलाओं में पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन आधा दर्जन महिलाओं में इस हार्मोनल समस्या की पहचान हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार, 18 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है। इलाज कराने आ रही कुछ विवाहित महिलाओं में पीसीओडी के कारण गर्भधारण में भी परेशानी हो रही है। महिलाओं के पेट में दर्द की भी शिकायत रहती है। जब इनका अल्ट्रासाउंड कराया जाता है तो इनमें यह बीमारी का पता चलता है。

अनियमित जीवनशैली बन रही वजह

ओपीडी में इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार बदलती जीवनशैली, खान-पान में गड़बड़ी, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और नींद पूरी नहीं होने से हार्मोन का संतुलन प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लंबे समय तक अनियमित दिनचर्या रहने से पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत बढ़ सकती है।

ओवरी में बनते हैं अपरिपक्व अंडे

पीसीओडी में हार्मोनल असंतुलन के कारण ओवरी में अंडों के विकास और रिलीज होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कई मामलों में छोटे-छोटे अपरिपक्व फॉलिकल्स ओवरी में दिखाई देते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में गांठ जैसा कहा जाता है। इससे मासिक धर्म अनियमित हो सकता है और कुछ महिलाओं में गर्भधारण में भी परेशानी आ सकती है।

समय पर जांच और रहन-सहन में बदलाव जरूरी

चिकित्सकों का कहना है कि पीरियड्स लगातार अनियमित रहने पर महिलाओं को इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय जांच कराने के साथ वजन को नियंत्रित रखना, नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। शुरुआती स्तर पर जीवनशैली में सुधार और चिकित्सकीय सलाह से पीसीओडी के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।

कोट --

ओपीडी में इलाज कराने कई विवाहित महिलाएं प्रेंगनेंसी नहीं होने की शिकायत लेकर आ रही हैं। वहीं अविवाहित लड़कियां मासिक धर्म में अनियमितता की समस्या के समाधन के लिए इलाज के लिए आ रही हैं। जब मरीजों का अल्ट्रासाउंड कराया जाता है तो इनमें पीसीओडी की शिकायत मिलती है। इसके बाद इलाज शुरू किया जा रहा है।

डॉ. अनुपमा सिन्हा, विभागाध्यक्ष, स्त्रीरोग एवं प्रसव विभाग, जेएलएनएमसीएच

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायागंज अस्पताल में पीसीओडी के मामले किस उम्र की महिलाओं में अधिक देखे जा रहे हैं?
18 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाओं में पीसीओडी के मामले अधिक देखे जा रहे हैं।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsगर्भधारण में समस्या और अनियमित पीरियड्स का कारण बन रहा पीसीओडी