आरोप: पीओके में निहत्थे लोगों पर ताकत का इस्तेमाल
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बर्बरता के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे। सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों को आक्रामकता से दबाया जा रहा है। नागरिकों ने मीडिया से सच्चाई सामने लाने की अपील की है और संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाक की बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा। लोगों का आरोप है कि सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर सुरक्षाबल ताकत का इस्तेमाल कर रहे। लोग मारे जा रहे हैं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा हुआ है। शुक्रवार को लोग पाक के खिलाफ सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रावलकोट के रहने वाले सरदार अमन खान कश्मीरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील ने बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग कर रहा। दोनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से स्थिति की जमीनी हकीकत के बारे में बताने की अपील की है। अमन खान ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों को आतंकी बताया जा रहा। पाक रेंजर, फ्रंटियर कॉर्प्स और अन्य सुरक्षाबल घरों की छतों पर तैनात हैं और बेकसूर लोगों को निशाना बना रहे। लोगों का कहना है कि जिन लोगों को आतंकी बताया जा रहा उनके मीडिया के सामने पेश किया जाए सब सच सामने आ जाएगा.
घातक हथियारों का इस्तेमाल
अमन खान ने बताया कि सुरक्षाबल राष्ट्रीय सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले घातक हथियारों का इस्तेमाल निहत्थे लोगों पर कर रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे। रावलकोट के डी-चौक पर अकील ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद लोगों पर गोली चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पाक की मीडिया प्रदर्शन के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी फैला रही है।
लोगों के हितों पर हमला
पीओके विस्थापित समुदाय के सदस्यों का आरोप है कि इस्लामाबाद लोगों के हितों पर हमला कर रहा। पाक सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में जबरन कब्जा कर रखा है और लोगों के साथ लगातार ज्यादती कर रहे हैं। सदस्य राजीव चुन्नी ने कहा कि पीओके में बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करने वाला है क्योंकि ये लगातार लोगों पर अत्याचार कर रहा है।
बर्बरता पर संयुक्त राष्ट्र दखल दे
यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने पीओके की बिगड़ती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा है। एक्स पर पोस्ट में पार्टी ने वैश्विक संस्थानों, विभिन्न देशों की सरकारों और मानवाधिकार संगठनों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जवाबदेही तय करने और मानवाधिकार कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है।
पीओके में पाक बर्बरता की निष्पक्ष जांच हो: भारत
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने पीओके में इस्लामाबाद की बर्बर कार्रवाई की जांच करने और अत्याचारों के लिए जवाबदेही तय करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान का तंत्र पीओके में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ लगातार बर्बरता कर रहा।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके में हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान 40 बेकसूर लोगों की मौत हुई है। वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की इन कार्रवाइयों की जांच करे और उसे उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीओके के आम लोगों के प्रति पाक सरकार की उपेक्षा उस समय पूरी तरह उजागर हो गई, जब उसके रक्षा मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को ही दुश्मन करार दे दिया। पाक प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिन 'मुजाहिदीन' को पाकिस्तान के तंत्र ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित किया, हथियार दिए और भेजा था, वही अब राज्य के खिलाफ हथियार उठाकर उसी के लिए चुनौती बन गए हैं।


