कहीं भी लगाई जा सकेगी पवन चक्की

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

नई तकनीक से विंड टर्बाइन को कहीं भी लगाने की सुविधा मिली है। मॉड्यूलर और रीसायकल होने वाली टर्बाइन को कम मशीनों की मदद से जोड़ा जा सकता है, जिससे यह ऊर्जा उत्पादन का तरीका बदल सकता है। तकनीक से यह सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उत्पादन का नया तरीका साबित हो सकता है।

कहीं भी लगाई जा सकेगी पवन चक्की

न्यूयॉर्क, एजेंसी। नई तकनीक से अब विंड टर्बाइन को लगभग किसी भी जगह पर लगाया जा सकेगा। पहले इन्हें लगाने के लिए बड़े टावर, भारी कंक्रीट की नींव और बड़ी क्रेनों की जरूरत होती थी, जिससे लागत बढ़ती थी और जगह सीमित हो जाती थी। मॉड्यूलर और रीसायकल होने वाली विंड टर्बाइन इस तरीके को बदल रहे हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञ ऐसे रीसायकल होने वाले ब्लेड बना रहे हैं, जिन्हें जीवन खत्म होने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। आने वाले समय में यह ऊर्जा उत्पादन का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।बॉक्स -कम मशीनों की मदद से जोड़ा जा सकता हैनई मॉड्यूलर टर्बाइन छोटे हिस्सों में बनाई जाती हैं, जिन्हें आसानी से ले जाकर कम मशीनों की मदद से जोड़ा जा सकता है।

इन्हें शहरों, हाईवे, फैक्ट्रियों और कॉलेज कैंपस जैसी जगहों पर भी लगाया जा सकता है। यह तकनीक विंड एनर्जी को ज्यादा सस्ती, लचीली और पर्यावरण के अनुकूल बना सकती है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।