भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के विरोध में लेखपालों का धरना
सवायजपुर में लेखपालों ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के विरोध में छह घंटे तक कार्य बहिष्कार कर शांतिपूर्ण धरना दिया। लेखपाल संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग की, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ गलत कार्रवाई से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सभी तहसीलों में कार्य बहिष्कार का निर्देश दिया है।

सवायजपुर। प्रदेश में लेखपालों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को सवायजपुर तहसील में लेखपालों ने छह घंटे तक कार्य बहिष्कार कर शांतिपूर्ण धरना दिया। तहसील अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा और महामंत्री अभिषेक द्विवेदी की अगुवाई में लेखपाल सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक तहसील परिसर में मौजूद रहे। लेखपालों के कार्य से विरत रहने का असर थाना समाधान दिवस पर भी दिखाई दिया। लेखपाल संघ ने सवायजपुर तहसील के उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ का कहना है कि लेखपाल कठिन परिस्थितियों में शासन की योजनाओं और राजस्व संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
किसी निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ गलत या सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई से उसके सेवाकाल, सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। संघ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई का समर्थन करते हुए नियमविरुद्ध कार्रवाई को स्वीकार्य नहीं बताया। ज्ञापन में अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप से जुड़ी घटना का भी उल्लेख किया गया। संघ का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट तथ्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की गई। तहसील अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के 22 अगस्त के पत्र के अनुसार प्रदेश की सभी तहसीलों में लेखपालों को थाना समाधान दिवस का बहिष्कार करने का निर्देश दिया गया था।


