स्टेशन का कायाकल्प, शादीपुर आरओबी को भी हरी झंडी
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत फतेहपुर रेलवे स्टेशन का पुर्नविकास होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने जालंधर से इसका वर्चुअल उद्घाटन किया। रेलवे स्टेशन का
फतेहपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत फतेहपुर रेलवे स्टेशन का पूरी तरह कायाकल्प हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर से वर्चुअली इस नए स्टेशन और प्लेटफॉर्म नंबर चार की सेकेंड एंट्री का उद्घाटन किया। ₹33.10 करोड़ की लागत से हुए इस विकास कार्य के साथ ही जिले को एक और बड़ी सौगात मिली है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने दावा किया है कि शादीपुर में अगले दो साल के भीतर आरओबी (ओवरब्रिज) बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके लिए शासन ने बजट पास कर दिया है।
विकास कार्यों का प्रमाण
साउथ सिटी स्थित रेलवे स्टेशन की सेकेंड इंट्री (प्लेटफार्म नंबर चार) के उट्घाटन पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि कई योजनाओं के साथ ही रेलवे स्टेशन का कायाकल्प कराए जाने के लिए 33.10 करोड़ रुपये की लागत से काम करवाए गए हैं। जिससे साउथ सिटी के लोगों को खासी राहत मिल सकेगी। बताया कि शादीपुर को छोड़कर जिले में कहीं भी रेलवे क्रासिंग शेष नहीं बची है, शासन ने आरओबी के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी। जल्द आरओबी का काम भी शुरू कराया जाएगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि दो साल के अंदर शादीपुर में आरओबी बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे यहां से आवागमन करने में होने वाली असुविधाओं से राहत मिल सकेगी। कहा कि दोआबा से उन्हें जो पहचान मिली है उस पर वह खरा उतरेंगी। यहां विधायक अयाहशाह विकास गुप्ता, राजेंद्र सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने शासन की कल्याणकारी योजनाओं का बखान किया। इससे पहले समारोह के दौरान रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ ही निबंध, चित्रकला आदि प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र के साथ ही पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने अतिथियों को अंगवस्त्र के साथ ही पर्यावरण संतुलन को पौधा उपहार में दिया। यहां एडीआरएम दीपक कुमार, सीनियर डीसीएम फ्रेट सीरत फातिमा, प्रदीप गर्ग आदि मौजूद रहे।
यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दोआबा के लोगों को प्लेटफार्म नंबर चार, सेकेंड इंट्री गेट, दो एफओबी सहित अन्य सुविधाएं मिल सकी हैं। जबकि योजना के तहत लिफ्ट का काम भी कराया जा रहा है। जिससे यात्रियों सहित बुजुर्गों व दिव्यांगों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आवागमन में होने वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी।


