सखी वन स्टॉप सेंटर से कई महिलाओं की जिंदगी में लौटी खुशियां
बेतिया में सखी वन स्टॉप सेंटर की पहल से नौ साल बाद एक महिला अपने पति और परिवार से मिली। प्रशासन ने भावनात्मक तरीके से महिला को उसके पति के सुपुर्द किया। इस पुनर्मिलन ने यह साबित किया कि मानवीय प्रयासों से टूटे परिवारों को फिर से जोड़ा जा सकता है।

बेतिया,निज संवाददाता । नौ वर्षों की लंबी जुदाई, अनगिनत उम्मीदें और अंतत: खुशी के आंसुओं से भरा मिलन। सखी वन स्टॉप सेंटर, बेतिया की संवेदनशील पहल ने वर्ष 2017 से बिछुड़ी एक महिला को उसके पति और परिवार से मिलाकर एक टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ दिया।
भावनात्मक पुनर्मिलन
शुक्रवार को वरीय उप समाहर्ता-सह-नोडल पदाधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर, रोचना माद्री की उपस्थिति में महिला को विधिवत उसके पति के सुपुर्द किया गया। इस दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला। वर्षों बाद एक-दूसरे को सामने देखकर पति-पत्नी की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों ने सखी वन स्टॉप सेंटर और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशासनिक संवेदनशीलता
इस अवसर पर वरीय उप समाहर्ता-सह-नोडल पदाधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर, रोचना माद्री ने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य केवल संकटग्रस्त महिलाओं को आश्रय देना ही नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के साथ समाज से पुन: जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि यह मामला मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक समन्वय और टीमवर्क के कारण वर्षों से बिछड़ा परिवार फिर से एक हो सका। उन्होंन कहा कि यह पुनर्मिलन न केवल एक परिवार की खुशियों की वापसी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, विभिन्न राज्यों के समन्वय और मानवीय प्रयासों से वर्षों पुरानी दूरियां भी समाप्त की जा सकती हैं।
सत्यापन की प्रक्रिया
केन्द्र प्रशासक, सखी वन स्टॉप सेंटर, रश्मि कुमारी एवं काउंसलर प्रियंका कुमारी ने बताया कि कर्नाटक स्थित वन स्टॉप सेंटर से सूचना मिली कि वहां सुषमा नाम की एक महिला रह रही है, जो केवल अपने पति का नाम और गांव का नाम ही बता पा रही थी। सूचना मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर, बेतिया की टीम ने जांच शुरू की। पड़ताल में पता चला कि महिला द्वारा बताया गया गांव गोपालपुर थाना क्षेत्र में स्थित है। इसके बाद गोपालपुर थाना से संपर्क कर स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराया गया। जिसमें महिला की पहचान सही पाई गई।


