सोलह घंटे चली खींचतान, कई बार बदली तहरीर
ललितपुर में एक सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के बाद पुलिस पर सवाल उठे हैं। पुलिस अधीक्षक एंटनी देवकुमार के खिलाफ आरोप दर्ज कराने की कोशिशों में परिवार को कई बाधाएँ आईं। तहरीर बदलने के बावजूद पुलिस ने लंबी प्रक्रिया के बाद अंततः मामला दर्ज किया। नागरिकों में नाराजगी बढ़ी।

ललितपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक की आत्महत्या के मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रहे पूर्व डीजी एलबी एंटनी देवकुमार के विरुद्ध तहरीर मिलने के बाद पुलिस महकमे में खलबची मची रही। गुरुवार देर रात्रि एसपी के आधे घण्टे में मुकदमा लिखने के आश्वासन के बावजूद बार थाना पुलिस सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर टरकाती रही। वहीं शुक्रवार को चार बार तहरीर बदलवाने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की गयी। सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी की मौत के बाद उनके परिजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों ने पोस्टमार्टम के बाद पुलिस अधीक्षक आवास जाकर एसपी मोहम्मद मुश्ताक से मुलाकात की थी। मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर सौंपते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद ही पिता के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा था।
जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बार थाना प्रभारी को सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मृतक के पुत्र सहित तमाम लोग बार थाने गए। जहां थाना पुलिस ने तहरीर लेने के कुछ देर बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी और सर्वर डाउन होने का हवाला देकर प्रति सुबह ले जाने के लिए कहा। बाद में मृतक के परिजनों को मालूम हुआ कि मुकदमा दर्ज ही नहीं किया गया। इससे मृतक शिक्षक के परिजनों, शुभचिंतकों में आक्रोश पनप उठा। खासी संख्या में लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी से मुलाकात करके अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर ऐतराज जताया। इस पर पुलिस अधीक्षक ने मृतक के पुत्र की ओर से मिली तहरीर में कुछ परिवर्तन के लिए कहा। जिस पर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता और पुलिस अधीक्षक के बीच काफी लम्बी जिरह हुई। दोनों एक दूसरे को अपनी-अपनी बात से सहमत करने का प्रयास करते रहे। इस बीच तहरीर को चार बार बदलावा गया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना बार पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। तब जाकर सोलह घंटे बाद इस आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।


