ललितपुर में पूर्व डीजी समेत छह पर मुकदमा
ललितपुर में रिटायर शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने आत्महत्या कर ली, जिसमें उन्होंने छह लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनकी तहरीर पर पूर्व डीजी सहित आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। राजाराम ने 2002 में एसपी द्वारा सार्वजनिक अपमान का भी उल्लेख किया।

ललितपुर, संवाददाता। बहुचर्चित चिगलौआ कांड के पीड़ित रिटायर शिक्षक राजाराम गोस्वामी की आत्महत्या के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। राजाराम ने सुसाइड नोट में तत्कालीन एसपी एवं रिटायर डीजी समेत छह लोगों को अपनी मौत को जिम्मेदार ठहराया गया है। शुक्रवार को इस मामले में पीड़ित के बेटे की तहरीर पर पूर्व डीजी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।रिटायर शिक्षक राजाराम के बेटे अनुराग गोस्वामी ने शुक्रवार को पुलिस कप्तान मोहम्मद मुश्ताक को तहरीर देते हुए बताया कि नौ जुलाई को दिन में करीब 12 बजे उनके पिता ने फोन कर कहा..बेटा अब हमारी यह आखिरी बार बात हो रही है।
अनहोनी की आशंका पर वह आनन-फानन घर पहुंचे तो पता चला कि उनके पिता ने जहर खा लिया है। उन्हें बार सीएचसी ले जाया गया जहां मौत हो गई। पिता की जेब से तीन सुसाइड नोट मिले, जो न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक और बार इंस्पेक्टर के नाम संबोधित थे। सुसाइड नोट में राजाराम ने अपनी मौत का जिम्मेदार तत्कालीन एसपी समेत छह लोगों को ठहराया। सुसाइड नोट में लिखा है कि सन 2002 के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने उन्हें (राजाराम गोस्वामी) सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया और उनके व गांव के अन्य व्यक्तियों के खिलाफ थाना बार में एक मुकदमा भी दर्ज कराया। न्यायालय के माध्यम से पूर्व एसपी व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जिसे वापस लेने के लिए गांव के लोग लगातार दबाव बनाकर मानसिक रूप से उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। दबाव बनाकर पांच लाख रुपये की मांग भी कर रहे हैं। अनुराग की तहरीर के आधार पर थाना बार पुलिस ने पूर्व डीजी और गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेन्द्र कुमार, गुलाब, छोटलाल निवासी चिगलौआ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि खुदकुशी करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक के बेटे की तहरीर पर सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।


