मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक, अब चार माह बाद शुरू होंगे शुभ कार्य

हिन्दुस्तान, नवादा
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13 जुलाई से नवादा जिले में मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। गुरु बृहस्पति की वृद्धावस्था के कारण 24 जुलाई तक शादियों का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। चातुर्मास 25 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें चार महीनों तक सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। नवंबर के बाद ही फिर से शादियों का आयोजन हो सकेगा।

मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक, अब चार माह बाद शुरू होंगे शुभ कार्य

13 जुलाई सोमवार से बैंड-बाजा, बारात और शहनाइयों के शोर पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। सनातन धर्म में पवित्र माने जाने वाले मांगलिक कार्यों पर अगले चार महीनों के लिए विराम लग जाने के कारण अब न तो शादियों की धूमधाम दिखेगी और न ही नए घरों में गृह प्रवेश के मंत्र गूंजेंगे। अधिक मास की समाप्ति के बाद 16 जून से शुरू हुआ वैवाहिक सीजन रविवार को संपन्न हो गया।

शुभ मुहूर्तों की कमी

सोमवार से शुभ दिनों के अभाव के कारण नवादा जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर व्यापारिक मंडियों तक में अचानक सन्नाटा पसर गया है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि वर्तमान में गुरु यानी बृहस्पति के वृद्ध होने के कारण आगामी 24 जुलाई तक शादियों के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। इसके तुरंत बाद, 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है, जिसमें भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में सभी प्रकार के मांगलिक व शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। अब अगले चार महीनों तक जिले में शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी और सीधे नवंबर महीने में देवउठनी या देवोत्थान एकादशी के बाद ही दोबारा मंगल कार्य शुरू हो सकेंगे। ​

धार्मिक स्थलों और धामों पर दिखने लगा असर

शादी-विवाह और मुंडन जैसे संस्कारों पर रोक लगते ही नवादा जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और बारातियों की भीड़ गायब हो गई है। जिले के शोभनाथ मंदिर, साहेब कोठी मंदिर समेत गोवर्धन मंदिर में भी आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। इसके अलावा शादियों के गवाह बनने वाले मंदिर परिसर भी शांत दिख रहे हैं। कल तक जयमाले के गानों और मंत्रोच्चार से यह परिसर गुंजायमान थे, वहां अब पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। विवाह के लिए बुक रहने वाली धर्मशालाएं और मैरिज हॉल तथा होटल आदि भी खाली हो चुके हैं। ​

बाजारों की रौनक हुई फीकी, व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव

मांगलिक दिनों के खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा असर नवादा के स्थानीय बाजारों पर पड़ा है। कपड़े, जेवरात, बर्तन और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। शहर के मेन रोड, प्रसाद बिगहा, राम नगर, अस्पताल रोड, स्टेशन रोड, कलाली रोड, सब्जी बाजार स्थित कपड़ों और आभूषणों के बड़े शोरूम्स में ग्राहकों की संख्या न के बराबर रह गई है। फूल-माला और किराना मंडी पर भी इसका असर दिख रहा है। पुरानी गोदाम व गोला रोड स्थित थोक किराना मंडी समेत कलाली रोड स्थित फूल-मालाओं का मुख्य केंद्र अब सुनसान नजर आ रहे हैं। शादी-विवाह में भारी मात्रा में होने वाली खरीदारी अचानक रुकने से दैनिक टर्नओवर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अब अगले चार महीनों तक बाजार में मंदी का माहौल रहेगा और केवल दशहरा तथा दीपावली आदि पर्व-त्योहारों के सहारे ही कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है। ​

चातुर्मास के बाद नवंबर में गूंजेंगे विवाह के मंत्र

ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि चातुर्मास की समाप्ति के बाद साल के आखिरी महीनों में फिर से शादियों की धूम लौटेगी। चार महीने के लंबे इंतजार के बाद शुभ विवाह के लिए मुख्यत: नवंबर में पाँच तथा दिसम्बर माह में भी पाँच तिथियां होंगी। यानी कुल 10 शुभ मुहूर्त में शादी-विवाहादि संस्कार पूर्ण किए जाएंगे। ------------------------ विवाह के शुभ मुहूर्त: माह विवाह के शुभ मुहूर्त (तिथियां) नवंबर 20, 21, 24, 25 और 26 दिसंबर 2, 5, 9, 10, 11 और 12 (नवादा से राजेश मंझवेकर)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कब से नवादा जिले में मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई?
13 जुलाई से नवादा जिले में मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है।
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