झारखंड संसाधन अभिवृद्धि की अनिवार्यता स्मारिका का विमोचन
हिन्दुस्तान, रांची
झारखंड समग्र विकास के लिए संसाधन विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें राज्य के आर्थिक विकास, प्राकृतिक संसाधन और स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने विकास के सामाजिक प्रभाव पर जोर दिया। पूर्व सांसद ने खनिज संपदा के लाभ में स्थानीय मूल्य संवर्धन की आवश्यकता बताई।

रांची, वरीय संवाददाता। सामाजिक-आर्थिक एवं संसदीय अध्ययन केन्द्र की ओर से शुक्रवार को प्रेस क्लब सभागार में झारखंड समग्र विकास के लिए संसाधन’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें राज्य के आर्थिक विकास, प्राकृतिक संसाधन, राजस्व क्षमता, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध और स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस अवसर पर झारखंड संसाधन अभिवृद्धि की अनिवार्यता स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
परिचर्चा के प्रमुख बिंदु
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वर्ष 2000 से अब तक झारखंड की आर्थिक यात्रा की समीक्षा जरूरी है। विकास का आकलन केवल बजट के आकार से नहीं, बल्कि उसके सामाजिक प्रभाव से होना चाहिए। मानव विकास, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने की जरूरत है। पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. महेश पोद्दार ने कहा कि खनिज संपदा का लाभ तभी मिलेगा, जब स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, रोजगार और बाजार विस्तार को बढ़ावा दिया जाए। वहीं अर्थशास्त्री डॉ. हरिश्वर दयाल ने शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता मजबूत करने पर जोर दिया।आयोजन का संचालन
कार्यक्रम का संचालन डॉ कमल बोस ने किया। विषय प्रवेश संस्था के सचिव अयोध्या नाथ मिश्रा ने कराया। आयोजन में डॉ. एचपी नारायण, प्रो. डॉ. चंद्रकांत शुक्ला, प्रो. शिव शंकर प्रसाद, शिव शंकर उरांव, अरुण कुमार मिश्रा, एसके कीड़ों समेत करीब 150 लोग शामिल हुए। धन्यवाद ज्ञापन आप लाल ने किया।सामान्य प्रश्न
✦इस परिचर्चा का विषय क्या था?−
इस परिचर्चा का विषय 'झारखंड समग्र विकास के लिए संसाधन' था।
✦परिचर्चा का आयोजन कब किया गया?+
✦वित्त मंत्री ने विकास के किस पहलू पर जोर दिया?+


