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26 जनवरी, 2021|11:39|IST

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पांच दशक में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में नहीं होगा कोई चीफ गेस्ट, जानें इससे पहले कब-कब हुआ ऐसा

soldiers take part in the rehearsal for the republic day parade

1 / 2गणतंत्र दिवस के नजदीक आते ही सेना के जवानों ने रिहर्सल शुरू कर दी है। (Photo-REUTERS)

soldiers take part in the rehearsal for the republic day parade

2 / 2गणतंत्र दिवस के पर्व में अब गिनती के दिन बाकी हैं और सेना के जवान पूरे जोश के साथ रिहर्सल करते नजर आ रहे हैं। (AFP Photo)

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आज देशभर में गणतंत्र दिवस की धूम है। 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज सुबह राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। मगर कोरोना की वजह से इस बार का गणतंत्र दिवस कई मायनों में अलग और बदला सा होगा। कोरोना की वजह से इस बार देश के 72वें गणतंत्र दिवस पर कोई विदेशी मेहमान बतौर चीफ गेस्ट नहीं होगा। दशकों बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर किसी भी देश के सरकार का प्रमुख हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल नहीं हो रहा है। 

दरअसल, पिछले पांच दशकों में पहली बार ऐसा हो रहा है जब कोई राष्ट्राध्यक्ष 26 जनवरी की परेड देखने नहीं आ रहे हैं। हालांकि, इससे पहले तीन बार ऐसे मौके आए हैं। पहले भारत की ओर से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को न्योता भेजा था। कोविड की वजह से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के अंतिम मौके पर समारोह में न आने के फैसले के बाद भारत ने विदेशी मेहमान को न्योता न देने का मन बना लिया था।

1966 के बाद पहली बार विदेशी मुख्य अतिथि नहीं
पिछले पांच दशकों में यह पहला गणतंत्र दिवस होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर कोई विदेशी मेहमान नहीं होगा। इससे पहले सन 1966 में गणतंत्र दिवस परेड में कोई विदेशी मेहमान शामिल नहीं हो सका था, जब 11 जनवरी को लाल बहादुर शास्त्री के अचानक निधन के बाद 24 जनवरी को इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके अलावा सन 1952 और 1953 में भी भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ था।

गौरतलब है कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था और इस दिन को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश की राजधानी में राजपथ पर देश की सैन्य ताकत के साथ सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया जाता है। परेड में हर बार एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को चीफ गेस्ट बनाने की परंपरा रही है। कुछ ऐसे भी मौके आए जब एक से अधिक मेहमानों को बुलाया गया।

परेड में कई बदलाव, 25 हजार लोग ही होंगे शामिल
कोरोना के चलते इस बार 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में कई बदलाव किए गए हैं। एक तो कोविड- 19 की वजह से परेड की लंबाई कम की गई है, वहीं वहीं इस बार 25 हजार लोग ही कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यह जानकारी नई दिल्ली जिला पुलिस के डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने ट्वीट कर दी। उन्होंने यह अपील भी की है कि जिन लोगों के पास भी परेड पास नहीं है, वे कृपया यहां न आए। अपने घरों में ही रहें। इस बार परेड का विजय चौक से शुरू होकर नेशनल स्टेडियम तक ही जाने की उम्मीद है। दरअसल गणतंत्र दिवस परेड राजपथ से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी.

परेड की लंबाई इस बार होगी आधी से भी कम
परेड की लंबाई इसके पहले 8.2 किलोमीटर होती थी, लेकिन इस बार विजय चौक से नेशनल स्टेडियम तक परेड होती है तो उसकी लंबाई घटकर 3.3 किलोमीटर हो जाएगी। परेड देखने का मौका भी इस बार कम लोगों को मिलेगा, जहां हर साल गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए एक लाख, 15 हजार लोग मौजूद रहते थे, वहीं इस बार 25 हजार लोग ही मौजूद रहेंगे। इस बार हर बार के बराबर टिकट भी नहीं बेचे जाएंगे। टिकट की संख्या भी कम की गई है, ताकि कोविड के इस दौर में ज्यादा भीड़ एकत्र न हो सके।

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