जयंती पर मुंशी प्रेमचंद को किया याद
हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
कांटी में शुक्रवार को साहित्य भवन में मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह ने प्रेमचंद को दबे, कुचले किसानों की आवाज बताया। प्रेमचंद ने हिन्दी कथा साहित्य को नई दिशा दी और सामाजिक विषमताओं को उजागर किया। कई साहित्यकार इस अवसर पर उपस्थित थे।

कांटी। साहित्य भवन में शुक्रवार को जयंती पर मुंशी प्रेमचंद को याद किया गया। नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद दबे, कुचले, अपमानित, शोषित किसानों की आवाज थे। उन्होंने हिन्दी कथा साहित्य को एक नई दिशा दी। स्वराजलाल ठाकुर ने कहा कि प्रेमचंद ने सामाजिक विषमताओं को उजागर कर लोगों को झकझोरा व हिन्दी साहित्य से आम पाठकों से जोड़ा। परशुराम सिंह, चंद्रकिशोर चौबे, रामेश्वर महतो, नंदकिशोर ठाकुर, रामेश्वर सिंह, महेश कुमार, रजनीश कुमार, आदर्श सिंह राजपूत आदि थे।
ये भी पढ़ें:प्रेमचंद की वर्तमान महत्ता पर संगोष्ठी


