पूर्व आईएएस ने की थी सवर्णों की वकालत, पुण्यतिथि पर याद किये गये
बस्ती में मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी के संयोजन में पूर्व आईएएस लक्ष्मीकांत शुक्ल की नौवीं पुण्यतिथि मनाई गई। वक्ताओं ने शिक्षा में सुधारों के लिए उनके संघर्ष की सराहना की। मुख्य मांगों में आरक्षण में सुधार, छात्रवृत्ति और निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले की सुविधा शामिल है।

बस्ती, निज संवाददाता। मेधा संस्थापक पूर्व आईएएस स्व. लक्ष्मीकांत शुक्ल को उनकी नौवीं पुण्यतिथि पर मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी के संयोजन में शनिवार को गांधीकला भवन परिसर में बापू प्रतिमा के निकट याद किया गया। चित्र पर माल्यार्पण करते हुए वक्ताओं ने फीस भरपाई एवं छात्रवृत्ति दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष करके विजय दिलाने के प्रयासों को याद किया। दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि लक्ष्मीकांत शुक्ला भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और जनहित के लिए देखे गए सपने आज भी जीवित हैं। पार्टी की प्रमुख मांगों में एकल पदों पर आरक्षण व्यवस्था में सुधार, यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 को वापस लिए जाने, दशमोत्तर कक्षाओं में सभी जातियों के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति की सुविधा, निजी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत मुफ्त दाखिले को सरल बनाना तथा शिक्षा-प्रशिक्षण संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करना, अनुसूचित जाति, अनसूचित जन जाति के गरीब छात्रों को दशमोत्तर कक्षाओं में निजी शिक्षण, प्रशिक्षण संस्थानों में निशुल्क प्रवेश दिए जाने आदि शामिल है।
उमेश पांडेय मुन्ना, पं. सुनील भट्ट, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, अंकित सिंह, रवि शुक्ल, कार्तिकेय तिवारी, गिरीश चन्द्र गिरी, नागेंद्र मिश्र, प्रतीक मिश्र, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, जावेद अख्तर, विपुल सिंह, आदि शामिल रहे।


