जुबान और गुस्से पर काबू रखने से मिलती है कामयाबी
हिन्दुस्तान, कानपुर
कानपुर में 'रहमत-ए-आलम महीने' के दौरान कच्ची सराय मस्जिद में जलसा आयोजित किया गया। मुफ्ती इश्तियाक हुसैन ने कहा कि पैगंबर की बातों को पूरे साल अपनाना चाहिए। उन्होंने गुस्सा न करने और अल्लाह से माफी मांगने पर जोर दिया। मुफ्ती सैयद उस्मान कासिमी ने सादगी और फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दी।

कानपुर। 'रहमत-ए-आलम महीने' के दौरान बुधवार को कच्ची सराय मस्जिद, गड़रिया मोहाल में जलसा आयोजित किया गया। मुफ्ती इश्तियाक हुसैन ने कहा कि पैगंबर की बातों को सिर्फ एक महीने नहीं बल्कि पूरे साल अपनी जिंदगी में उतारना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपनी ज़ुबान को काबू में रखना और गुस्सा न करना ही कामयाबी का असली रास्ता है। इसके अलावा, इंसान को अपनी गलतियों पर हमेशा अल्लाह से सच्ची माफी मांगते रहना चाहिए। मुफ्ती सैयद उस्मान कासिमी ने कहा कि सादगी से रहने और फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दी। मौलाना अमीर हमजा कासिमी ने भी तकरीर की।
मंच का संचालन मौलाना शकील अहमद ने किया।


