DA Image
14 जुलाई, 2020|3:15|IST

अगली स्टोरी

कोरोना के चलते जेल से हुआ था रिहा, बाहर आते ही की पत्नी की हत्या, जानें क्यों

murder

महाराष्ट्र के नागपुर में कोरोना वायरस फैलने के मद्देनजर जेल में भीड़ कम करने के उद्देश्य से रिहा किए गए कैदियों में से आपराधिक पृष्ठभूमि के एक कैदी ने शनिवार को एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी की हत्या कर दी।

एक अधिकारी ने बताया कि शहर के नंदनवन क्षेत्र में शनिवार को सुबह दस बजे नवीन गोटाफोडे ने पुलिस की अपराध शाखा के हेड कांस्टेबल अशोक मुले की पत्नी सुशीला का गला रेत कर हत्या कर दी। अधिकारी ने कहा, हाल ही में जेल में कोरोना वायरस फैलने के खतरे को देखते हुए भीड़ कम करने के लिए कई कैदियों समेत गोटाफोडे को रिहा किया गया था। वह सुशीला का बचपन का दोस्त था और उसके बेटे से मिलना चाहता था। सुशीला को यह स्वीकार नहीं था जिससे गोटाफोडे क्रोधित हो गया। 

उन्होंने कहा, शुक्रवार की रात को वह सुशीला के बेटे से मिलने आया था, लेकिन मिल नहीं पाया। इसलिए वह शनिवार को चुपके से उनके घर में घुसा और उसने सुशीला का गला रेत कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त (जोन चार) निर्मला देवी ने कहा कि गोटाफोडे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

महाराष्ट्र में 11000 कैदियों को रिहा करने के आदेश

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर राज्य की जेलों में सात साल अथवा उससे कम की कैद की सजा काट रहे 11000 कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया था। महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में कैदियों की रिहाई से जुड़ी औपचारिकताओं को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का आदेश दिया था। देशमुख ने कहा कि जेलों से भीड़ कम करने के लिये सात साल या उससे कम सजा वाले करीब 11,000 कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा, “हम विचाराधीन कैदियों को जमानत देने तथा निर्धारित सजा से अधिक काट चुके लोगों को पूर्णत: रिहा करने पर भी विचार कर रहे है।” 

गृह मंत्रालय ने पहले ही महाराष्ट्र के नौ केंद्रीय कारागारों (मुंबई, ठाणे, खारघर, नासिक, पुणे, औरंगाबाद, कलंबा, अमरावती और नागपुर) को भारी भीड़ के कारण कैदियों को स्थानांतरित करने के लिये कहा है। खास तौर पर मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में बड़ी संख्या में कैदी बंद हैं। गृह विभाग ने यह निर्धारित करने के लिए कि किस श्रेणी के कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा सकता है, एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति नियुक्त की है, जिसमें राज्य विधिक सेवा समिति, प्रमुख सचिव (गृह) और महानिदेशक (कारागार) शामिल हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:released from jail due to Corona and after that killed his wife know why