यूजी-पीजी के रजिस्ट्रेशन अब 20 जुलाई तक
चौ. चरण सिंह विवि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी ट्रेडिशनल-प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में पंजीकरण की अंतिम तिथि फिर बढ़ा दी गई है। छात्र अब 20 जुलाई तक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, एलएलएम, एमएड, बीपीएड, एमपीएड पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण बंद हो चुके हैं।

चौ. चरण सिंह विवि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में यूजी-पीजी ट्रेडिशनल-प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में पंजीकरण अभी चलते रहेंगे। शुक्रवार को अंतिम तिथि पर विवि ने एक बार फिर से पंजीकरण की समय-सीमा बढ़ा दी। यूजी-पीजी दोनों में ही डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के छात्र अब 20 जुलाई तक www.ccsuniversity.ac.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। विवि का दावा है कि छात्रों को अंतिम बार मौका दिया गया है। हालांकि शुक्रवार को विवि ने तीसरी बार यूजी पाठ्यक्रमों में पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाई है। प्रवेश परीक्षा के आवेदन बंद
पंजीकरण प्रक्रिया
विवि कैंपस एवं कॉलेजों में एलएलएम, एमएड, बीपीएड, एमपीएड पाठ्यक्रमों के लिए विवि ने आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई है। शुक्रवार को इन चारों पाठ्यक्रमों में पंजीकरण बंद हो गए। इन चारों पाठ्यक्रमों में 12 हजार 242 छात्रों ने पंजीकरण कराए हैं, लेकिन इनमें से 8026 ने ही फीस जमा करते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी की है। इनमें से 350 सौ छात्र केवल एलएलएम के लिए पंजीकृत हुए हैं। इन सभी ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि एलएलएम के लिए 5509 छात्रों ने पंजीकरण कराए हैं।
मेरिट प्रक्रिया
अब मेरिट जुलाई के आखिर तक ही
विवि के यूजी-पीजी की पंजीकरण तिथि बढ़ाने के फैसले से मेरिट प्रक्रिया में भी देरी तय है। विवि अब जुलाई के आखिर में पहली मेरिट जारी कर सकता है। पहले चरण की प्रवेश प्रकिया अब अगस्त के तीसरे हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। 11 अगस्त को शिवरात्रि और इससे पहले रास्ते बंद होने का असर भी प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
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लेखक के बारे में
Praveen Dixitशॉर्ट बायो : प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
उच्च शिक्षा और लक्ष्य
उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
इनोवेटिव और रिसर्च बेस्ड न्यूज स्टोरीज


