पौष्टिक आहार ने दुरुस्त कर दी नौनिहालों की सेहत
हि.विशेष आठ महीने में 1805 से घटकर 349 आ गई कुपोषितों की

हि.विशेष आठ महीने में 1805 से घटकर 349 आ गई कुपोषितों की संख्या
हर महीने पात्र को दाल, दलिया और रिफाइंड की होती है आपूर्ति
मुरादाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। कुपोषण के खिलाफ सरकार के अभियान के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। आठ महीने में कुपोषित और अति कुपोषितों की संख्या में तेजी के साथ कमी आई है। अब शासन ने पोषाहार के मेन्यू में बदलाव किया है। इसके बेहतर परिणाम की उम्मीद की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से यह योजना संचालित है। जिसके तहत शून्य ने छह साल के कुपोषित बच्चों को पोषण की पोटली दी जाती है। ऐसे बच्चों को सेम और मैम श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे बच्चों का स्वास्थ्य ठीक करने के लिए पौष्टिक आहार दिया जाता है। अब तक आंगनबाड़ी टीम की ओर से ऐसे बच्चों को हर महीने दाल, दलिया और रिफाइंड दिया जाता है।
कुपोषित बच्चों की संख्या में बदलाव
विभाग के रिकॉर्ड इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अप्रैल महीने में कुपोषित बच्चों की संख्या कुछ बढ़ी है। मगर मार्च महीने में मात्र 349 बच्चे ही गंभीर रूप से कुपोषित रहे। साल 2025 के सितंबर महीने में गंभीर कुपोषितों की कुल संख्या 1805 थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय का कहना है कि अभियान के बेहतर परिणाम आए हैं। अब पोषण किट की सामग्री में बदलाव किया गया है। इसका भी असर दिखेगा।
आकड़े और वितरण
ब्लॉक सितंबर 2025 जनवरी 2026 अप्रैल 2026
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सेम-मैम सेम-मैम सेम-मैम
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भगतपुरटांडा 105-533 122-450 68-464
बिलारी 177-648 69-599 07-85
छजलैट 176-529 117-454 33-183
डिलारी 245-579 84-496 46-334
कुंदरकी 262-914 166-836 82-368
मुरादाबाद शहर 415-1544 311-1582 153-804
मुरादाबाद देहात 142-805 86-629 53-498
मूंढापांडे 146-937 81-725 35-312
ठाकुरद्वारा 137-481 106-432 67-288


