झपकी, रफ्तार और थकान का ट्रिपल अटैक, एक्सप्रेसवे पर नहीं थम रहे हादसे
तालग्राम क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अप्रैल से जून के बीच आठ बड़े सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें आठ लोग मारे गए और दो दर्जन से अधिक घायल हुए। हालिया हादसे में तेज रफ्तार बस ने ट्रक में टक्कर मारी, जिससे चालक समेत 15 लोग घायल हुए। स्थानीय लोग एक्सप्रेसवे पर विश्राम स्थलों की कमी को लेकर चिंतित हैं।

तालग्राम, संवाददाता। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का तालग्राम क्षेत्र लगातार सड़क हादसों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। अप्रैल से जून के बीच इस क्षेत्र में हुए आठ बड़े हादसों में आठ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार तड़के किलोमीटर 172 पर तेज रफ्तार बस के ट्रक में पीछे से घुस जाने से चालक समेत 15 लोग घायल हो गए। इससे एक बार फिर लंबी दूरी तय करने वाले चालकों की थकान, झपकी और तेज रफ्तार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच-पड़ताल में सामने आया कि बीते तीन माह में हुई अधिकांश दुर्घटनाओं की वजह चालक को आई झपकी रही। कई मामलों में वाहन चालक रातभर सफर करने के बाद सुबह तड़के नियंत्रण खो बैठे। कहीं आगे चल रहे वाहन में टक्कर हुई तो कहीं वाहन डिवाइडर या क्रैश बैरियर से जा टकराया। एक हादसा टायर फटने और एक अज्ञात वाहन की टक्कर से भी हुआ। हर बार पुलिस और यूपीडा की टीम ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया, लेकिन कई मामलों में घायलों की जान नहीं बचाई जा सकी。
हालिया हादसे
इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह करीब 4:15 बजे नई दिल्ली से गोरखपुर जा रही लक्ष्मी हॉलीडेज कंपनी की बस तालग्राम टोल प्लाजा के पास आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि चालक इंतजार स्टेयरिंग में फंस गया, जिसे क्रेन और हाइड्रा की मदद से करीब आधे घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। दुर्घटना में चालक समेत 15 लोग घायल हुए, जिनमें आठ की हालत गंभीर होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर किया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली से लखनऊ के बीच सफर करने वाले चालकों के लिए तालग्राम क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त और सुविधाजनक विश्राम स्थल उपलब्ध नहीं हैं। लगातार कई घंटे वाहन चलाने के कारण चालक थकान और झपकी का शिकार हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का भी मानना है कि लंबी दूरी तय करने वाले चालकों को हर दो से तीन घंटे में वाहन रोककर विश्राम करना चाहिए। झपकी महसूस होते ही वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर आराम करना ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। वहीं स्थानीय लोग एक्सप्रेसवे पर तालग्राम क्षेत्र में सुरक्षित पार्किंग और विश्राम स्थल विकसित किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि लगातार बढ़ रहे हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।


