पहली बार पेट्रोल से अधिक बिके वैकल्पिक ईंधन वाहन
नई दिल्ली में अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी पेट्रोल से आगे निकल गई है। कुल 24 लाख 23 हजार 201 वाहन बिके, जो पिछले साल से 17.51 फीसदी अधिक है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 52.9 फीसदी की वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री ने अगस्त में नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की हिस्सेदारी पेट्रोल से आगे निकल गई। बीते महीने सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.95 फीसदी रही। जबकि पेट्रोल और एथनॉल वाले वाहनों की हिस्सेदारी 40.85 फीसदी रही। हालांकि, अकेले ईंधन के तौर पर पेट्रोल अभी भी सबसे आगे है। सोमवार को फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) की तरफ से जारी आंकड़े के हिसाब से बीते महीने देश में कुल 24 लाख 23 हजार 201 वाहन बिके, जो बीते साल की समान अवधि के मुकाबले 17.51 फीसदी अधिक है। हालांकि, जुलाई के मुकाबले बिक्री में 6.48 फीसदी की गिरावट रही। यात्री वाहनों की बिक्री 4 लाख 2 हजार 398 रही। इसमें बीते साल के मुताबले 16.14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
पहली बार अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री चार लाख के आंकड़े को पार कर गई
ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री वाहनों की बिक्री 24.99 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में 10.93 फीसदी की वृद्धि रही। यात्री वाहनों में सीएनजी की हिस्सेदारी 25.28 फीसदी, हाइब्रिड की 9.04 फीसदी और इलेक्ट्रिक वाहनों की 7.63 फीसदी रही। इन तीनों को मिलाकर हिस्सेदारी 41.95 फीसदी हो गई। वहीं, पेट्रोल और एथनॉल वाले वाहनों की हिस्सेदारी 40.85 फीसदी रही। वहीं, दो पहिया वाहनों की 17 लाख 14 हजार 610 इकाइयां बिकीं। इसमें सालाना आधार पर 19.69 फीसदी की वृद्धि हुई।
ईवी बिक्री में 52.9 फीसदी की तेज वृद्धि
सभी श्रेणियों को मिलाकर अगस्त में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2 लाख 98 हजार 448 रही। यह अगस्त का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो बीते साल के मुकाबले 52.9 फीसदी अधिक है। कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 12.3 फीसदी रही, जो एक साल पहले 9.5 फीसदी थी।
ग्रामीण बाजार ने शहरों को पीछे छोड़ा
फाडा के मुताबिक अगस्त में ग्रामीण इलाकों में कुल वाहन बिक्री 19.79 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी इलाकों में वृद्धि 15.17 फीसदी रही। यात्री वाहनों में ग्रामीण बिक्री 24.99 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरों में यह वृद्धि 10.93 फीसदी रही। इससे पता चलता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गैर-कृषि गतिविधियों से जुड़ी मांग मजबूत बनी हुई है।
कारों का स्टॉक बढ़ा, कंपनियों को सावधानी की सलाह
यात्री वाहनों का डीलरों के पास स्टॉक जुलाई के अंत के मुकाबले पांच दिन बढ़कर करीब 38 से 40 दिन का हो गया है। फाडा के अनुसार 56 फीसदी यात्री वाहन डीलरों ने महीने-दर-महीने स्टॉक बढ़ने की जानकारी दी। संगठन ने कंपनियों से बिक्री के हिसाब से ही डीलरों को वाहन भेजने की सलाह दी है, जिससे पुराना स्टॉक बढ़ने से डीलरों की पूंजी न फंसे। हालांकि फाडा ने सितंबर में भी वाहनों की बिक्री बेहतर रहने का अनुमान लगाया है।


