कृषि विज्ञान केंद्र में रियल टाइम फीडबैक पर कार्यशाला का आयोजन
किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी और समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र गम्हरिया में बुधवार को रियल टाइम फीडबैग पर कार्यशाला का

गम्हरिया। किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी और समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से agriculture science center गम्हरिया में बुधवार को रियल टाइम फीडबैक पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार किसानों को वास्तविक समय (रियल टाइम फीडबैक) उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र की नई व्यवस्था
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख सह वरीय वैज्ञानिक पंकज सेठ ने कहा कि देश के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों में किसानों से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं का डिजिटल माध्यम से समाधान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत कृषि विज्ञान केंद्र गम्हरिया कार्यक्षेत्र के लगभग 2,275 किसानों को इस प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों की समस्याएं और समाधान
किसान अपनी खेती, फसल, कीट-रोग, उर्वरक, सिंचाई और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं की जानकारी सीधे केंद्र तक पहुंचा सकेंगे। जिस पर विशेषज्ञ समयबद्ध सलाह देंगे। जिले की छह संस्थाओं में महिला सहयोगी संस्था राजनगर के सागरासाई, एटिक सरायकेला, कुचाई, नीमडीह एवं कृषि विज्ञान केंद्र के करीब 275 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य
कार्यशाला में किसानों से किसान सारथी ऐप के माध्यम से कृषि प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित पांच सवाल पर फीडबैग मांगा गया। यह भी बताया गया कि कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत विकसित पोर्टल के माध्यम से किसानों की प्रतिक्रियाएं एकत्र कर उनका विश्लेषण किया जाएगा।
वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की भागीदारी
इस दौरान वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने रियल टाइम फीडबैक प्रणाली के संचालन, डेटा संकलन, किसानों के पंजीकरण, मोबाइल आधारित सूचना आदान-प्रदान की प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यशाला में महिला किसानों, किसान उत्पादक समूहों, कृषि मित्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जन जागरूकता अभियान
कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों में तकनीकी विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने भाग लिया। किसानों तक इस नई व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर डॉ. गोंदरा मार्डी, डॉ. एलिस्मा खाखा, सिमरन, भूमि कुमारी, नीरज श्रीवास्तव, राजेश कुमार, राय बहादुर, सीताराम समेत कई लोग उपस्थित थे।


